संतकबीरनगर। संयुक्त संघर्ष मोर्चा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आह्वान पर चल रहा प्रदेशव्यापी महाआंदोलन बुधवार को नौवें दिन भी जारी रहा। इसके तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में एनएचएम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। आशा संघ की जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने भी आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित करते हुए शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, सम्मानजनक एवं एकरूप वेतन नीति, सेवा सुरक्षा, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन, समयबद्ध वेतन भुगतान और राज्य आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई।
जिला संयोजक दीनदयाल वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला स्तर तक स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में उनका योगदान अहम है। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
जिलाध्यक्ष राजेश पांडेय ने कहा कि लखनऊ में चल रहे महाआंदोलन में भी कर्मचारियों की मांगों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। महेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारियों का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले एनएचएम कर्मियों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित भविष्य, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसर दिलाना है।
कर्मचारियों ने कहा कि मांगों के समाधान के लिए शासन स्तर पर ठोस पहल जरूरी है। मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में अभय त्रिपाठी, डॉ. अबू सूफियान, डॉ. रवींद्र चौधरी, डॉ. अबू बकर, संगीता कुमारी, संजीव सिंह, नंदिनी, रंजना, भास्कर पांडेय, प्रिया राय, वंदना, सुरजीत सिंह, रवि, डॉ. दीपक, डॉ. अश्वनी, सुष्मिता पांडेय, मनोज मिश्रा और अभिषेक सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।