संतकबीरनगर। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के चलते गोवध निवारण अधिनियम के पुराने मामले में न्यायालय ने दोषी को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
मामला वर्ष 2009 का है। उस समय कोतवाली खलीलाबाद में गोवंशीय पशु का मांस बरामद होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी कांस्टेबल राधेश्याम यादव ने दर्ज कराई थी। उन्होंने दुधारा थाना क्षेत्र के साफियाबाद निवासी मोहम्मद इसरार के कब्जे से एक क्विंटल गोवंशीय पशु का मांस बरामद होने की जानकारी दी थी।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक पीवी चौबे ने की थी। साक्ष्य संकलित करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। बुधवार को सीजेएम न्यायालय ने दोषसिद्ध अभियुक्त मोहम्मद इसरार को जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाते हुए पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश दिया गया।