हुली थाना क्षेत्र के पोखरना गांव निवासी कृष्ण बिहारी के हत्यारोपी राम भरत व विशाल उर्फ दीपक पुलि?
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पांच माह बाद हत्यारोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार
- जमीन की दलाली के मामले में पड़ोसी के हत्या का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा। महुली पुलिस ने पांच माह बाद शनिवार को हत्या के आरोप में पिता-पुत्र को शनिचरा बाबू तिराहे से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी अपने पड़ोसी की हत्या के मामले में फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
महुली क्षेत्र के ग्राम गजाधरपुर के पोखरवा निवासी कृष्ण बिहारी उर्फ हुन्नर पुत्र लुटावन मुंडेरवा थाना क्षेत्र के ग्राम बेहिल में नेवासे पर रहते थे। जबकि उनके परिवार के कुछ सदस्य गजाधरपुर में भी रहते थे। 15 मई 2019 की शाम चार बजे कृष्ण बिहारी बेहिल से गजाधरपुर के लिए निकले थे। जब वह अगले दिन तक गजाधरपुर नही पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। 18 मई को कृष्ण बिहारी का शव गांव के दक्षिण कुआनो नदी के किनारे से बरामद हुआ था। मृतक के पुत्र गोपाल ने गांव के ही रामभरत पुत्र स्वर्गीय रामकरन और विशाल कुमार उर्फ दीपक पुत्र रामभरत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। एसओ प्रदीप कुमार सिंह और शनिचरा बाबू चौकी प्रभारी सदरुल आलमीन ने शनिचरा बाबू तिराहे के पास से आरोपी बाप-बेटे को गिरफ्तार किया। एसओ प्रदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में मृतक कृष्ण बिहारी ने अपनी जमीन नगुआ गांव निवासी कौशिल्या पत्नी भागीरथी को तीन लाख 75 हजार रुपये में बेचा था। जमीन की सौदेबाजी में रामभरत ने 75 हजार रुपये की दलाली ले लिया था। जमीन बेचने के बाद विक्रेता कृष्ण बिहारी को मात्र एक लाख 25 हजार रुपये ही मिले थे। बाकी रुपये राम भरत ने नहीं दिया। कृष्ण बिहारी के बार-बार मांगने से परेशान होकर आरोपी रामभरत ने बेटे विशाल के साथ मिलकर कृष्ण बिहारी की हत्या करके शव कुआनो नदी में छिपाने का प्रयास किया था। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल किया। पकड़े गए आरोपी बाप-बेटे को जेल भेज दिया गया।