तीन जुलाई को धान की रोपाई करने से मना करने पर कर दी गई थी मजदूर की हत्या
घर का खर्च चलाने के लिए स्कूल न जाकर मां के साथ मजदूरी करने को विवश हैं बच्चे
पिता की हत्या के बाद मां और भाई-बहनों को संभालने के लिए मायके में रह रही विवाहिता बेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/लोहरैया। दो माह पहले धनघटा क्षेत्र के भरवल पर्वता गांव में धान की रोपाई करने से मना करने पर मनबढ़ दो सगे भाइयों ने मजदूर वकील की लाठी और फावड़े से प्रहार कर हत्या कर दी थी। वकील की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक तंगी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है। 23 वर्षीय बेटी की शादी तो मजदूर कर चुका था, लेकिन दो बेटियों और दो बेटों की शादी नहीं हुई है। घर का चूल्हा गर्म करने के लिए बेटा और बेटी स्कूल न जाकर मां के साथ मजदूरी करने के लिए विवश है। वहीं आरोपी दोनों भाई जेल में हैं। उनकी जमानत याचिका जिला सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, भरवल पर्वता गांव निवासी 50 वर्षीय वकील शर्मा तीन जुलाई 2023 को अपने खेत में मेड़बंधी कर रहा था। उनके साथ पत्नी सुनीता 48 वर्ष, बेटी शन्नो 23 वर्ष, शालिनी 20 वर्ष, बेटा किशन 16 वर्ष काम में हाथ बटा रहे थे। उसी समय गांव निवासी एक मनबढ़ युवक उनके पास पहुंचा और वकील से धान की रोपाई करने के लिए कहा। वकील ने अपने खेत में काम करने की जरूरत बताते हुए युवक के साथ धान की रोपाई करने से मना कर दिया। यह बात युवक को नागवार लगी थी। उसने वकील को अपशब्द कहते हुए अपने घर लौट आया। थोड़ी देर में वकील भी पत्नी व बच्चों के साथ घर चले गए। कुछ देर बाद गांव के रहने वाले दोनों मनबढ़ सगे भाई लाठी और फावड़ा लेकर वकील के घर पहुंच गए। आरोप है कि दोनों भाइयों ने फावड़े और लाठी से वकील पर प्रहार कर दिया। उनके बचाव में पहुंची पत्नी और बच्चों को भी मारपीट कर घायल कर दिया। फावड़े के प्रहार से वकील के सिर में गंभीर चोटें आने से घटनास्थल पर उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी सुनीता ने विजय पाल व अजय पाल पर हत्या का केस दर्ज कराया। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी। एसपी ने पुलिस टीम गठित कर जब उनके संभावित ठिकानों पर दबिश डलवाया तो घटना के चार दिन के बाद आरोपी पकड़े गए।
वकील की हत्या हुए दो माह से अधिक समय होने वाला है। घर के मुखिया के न रहने पर परिवार मुफलसी में जीवन बसर कर रहा है। बड़ी बेटी की शादी भले हुई है, लेकिन तभी से वह मायके में रहकर मां और भाई-बहनों की परवरिश के लिए मेहनत-मजदूरी करती है। बेटी शालिनी हाईस्कूल में पढ़ रही थी, लेकिन उसकी भी पढ़ाई बंद है। भाई किशन, बहन काजल और सूरज का नाम कहने के लिए विद्यालय में है, लेकिन वह स्कूल न के बराबर जाते हैं। पीड़ित पत्नी सुनीता बताती हैं कि पति के न रहने के बाद परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। मजदूरी न करें तो रोटी नसीब नहीं होगी। एक भी रुपये का मदद करने वाला कोई नहीं है।
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परिवार में सदस्य पांच, कोटे से सिर्फ दो यूनिट का मिलता है अनाज
मजदूर वकील की हत्या के बाद टूट चुके परिवार को सरकारी अनुदान भी नियम के तहत नहीं मिलता है। पांच सदस्य परिवार में हैं, लेकिन कोटे की दुकान से सिर्फ दो यूनिट का अनाज मिलता है। मृतक वकील की पत्नी सुनीता बताती हैं कि बड़ी बेटी की शादी पिछले वर्ष हुई। वह ससुराल चली गई तो राशन कार्ड से उसके साथ तीन और बच्चों का नाम कट गया। पति जब जिंदा थे, तभी से जो बच्चे घर पर हैं उनका नाम राशन कार्ड में दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन नाम दर्ज नहीं हो सका। राशन कार्ड में सुनीता और बेटी शालिनी का ही नाम होने से केवल दो यूनिट का अनाज कोटेदार देते हैं।
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हत्या आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
भरवल पर्वता गांव निवासी वकील की हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध गांव निवासी सगे भाई विजयपाल और अजय पाल की जमानत अर्जी जिला सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है। मुकदमे की वादी सुनीता पत्नी वकील शर्मा के अधिवक्ता सीपी पांडेय उर्फ सोनू ने बताया कि जिला सत्र न्यायालय से हत्या आरोपियों की जमानत याचिका खारिज होने के बाद मामला हाईकोर्ट में गया है।
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कोट
मजदूरी करने से मना करने की वजह से वकील शर्मा की हत्या कर दी गई थी। घटना में शामिल दोनों आरोपी सगे भाइयों को पुलिस जेल भिजवा चुकी है। साक्ष्य संकलन कर पुलिस ने आरोपी सगे भाइयों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए माॅनीटरिंग सेल के जरिए कोर्ट में प्रभावी पैरवी कराई जाएगी।
-संतोष कुमार सिंह, प्रभारी एसपी