संतकबीरनगर। जिले के महुली थाना क्षेत्र के पानाराम गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। पिता का कहना है कि बेटे को गांव के ही कुछ लोग घर से बुलाकर ले गए थे और बाद में उसकी हत्या कर दी। थाने में प्राथमिकी दर्ज न किए जाने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई में जुट गई है।
पानाराम गांव निवासी बृजमोहन उर्फ मोहन ने अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में शामली जिले में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। उन्होंनें बताया कि सात मई 2026 की रात करीब 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके पुत्र अरुण की मौत हो गई है। सूचना मिलने पर वह तत्काल गांव पहुंचे।
पिता का आरोप है कि सात मई की शाम करीब चार बजे गांव का आरोपी महेंद्र उनके पुत्र अरुण को घूमने चलने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी महेंद्र, नरई उर्फ नरेंद्र और तीन से चार अज्ञात लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते अरुण की हत्या कर दी। आरोप है कि घटना गिरधरपुर के आसपास हुई और बाद में शव को जिला अस्पताल लाया गया।