संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय देवेन्द्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने दहेज के लिए बहू को जलाकर मारने के मामले में आरोपी बनाए गए सास-ससुर को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
रामलौट ने थाना दुधारा में दिए तहरीर में बताया था कि 4 मार्च 2010 को बेटी रेखा की शादी ग्राम अमिया के हरिराम निषाद के बेटे पंचराम के साथ हुई थी। रेखा के ससुर हरिराम व सास फुलारी देवी और दो देवर कम दहेज लाने का ताना मारते हुए मारते-पीटते थे। फोन पर सूचना मिली कि बेटी रेखा के सास-ससुर और देवर ने उसे मारपीट कर जलाकर गांव के बाहर रास्ते पर छोड़ दिया है। इस मामले में सास-ससुर और देवरों के विरुद्ध थाना दुधारा में केस दर्ज हुआ।
विवेचना के बाद दहेज हत्या के मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। कोर्ट में दो देवर की पत्रावली को अलग कर किशोर न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। वहीं सास-ससुर के विरुद्ध कोर्ट में सुनवाई के बाद ससुर हरिराम व सास फुलारी देवी निवासी ग्राम अमया थाना दुधारा को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ पाते हुए बरी कर दिया।