संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय देवेन्द्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने दहेज हत्यारोपी सास-ससुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सास ससुर पर आरोप था कि दहेज में सोने की चेन और भैंस न मिलने के कारण बहु मीरा की गला दबाकर हत्या की है।
ग्राम सेमरी डाडी थाना धनघटा के शंभू नाथ पांडेय ने 13 जून 2005 को थाने में तहरीर दिया कि बेटी मीरा पांडेय की शादी तीन साल पहले ग्राम केकरहा थाना धनघटा निवासी दिनेश पांडेय के बेटे अरविंद पांडेय उर्फ गुड्डू पांडेय के साथ की थी। शादी में नकदी और ढेर सारा सामान दिया था, लेकिन ससुराल वाले बेटी मीरा को प्रताड़ित करते हुए दहेज में चेन और भैंस की मांग की। न देने पर मीरा को प्रताड़ित करने की बात कही। 13 जून की सुबह जब मीरा से मिलने गया तो बेटी के ससुर दिनेश पांडेय, पति अरविंद पांडेय, देवर रत्नेश, सास उर्मिला, ननद विनीता तथा दामाद दिनेश ने मिलकर बेटी मीरा को मारा पीटा और गला दबाकर हत्या कर दिए।
इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया। तत्कालीन सीओ मेंहदावल विनीत भटनागर ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी द्वितीय देवेंद्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने के बाद ससुर दिनेश पांडेय, सास उर्मिला पांडेय को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ पाते हुए बरी कर दिया।