- उमरिया बाजार-बिड़हर घाट मार्ग पर आवागमन रहा बाधित
- तहसीलदार के आश्वासन पर माने बाढ़ पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। राहत सामग्री न मिलने से नाराज चपरा पूर्वी गांव के खालेपुरवा निवासी बाढ़ पीड़ित शुक्रवार की शाम उमरिया बाजार-बिड़हर घाट मार्ग नेतवापुर चौराहे पर जाम कर दिए। करीब एक घंटे जाम के कारण आवागमन ठप रहा। जानकारी होने पर तहसीलदार और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा बुझाकर सड़क खाली करवाए। उसके बाद आवागमन बहाल हो सका।
खालेपुरवा निवासी नीरज चौहान, सवरु सिंह, अशोक चौहान, जनार्दन, सुभावती, गुड्डू, धन बहादुर, अन्नू आदि का कहना था कि सरयू नदी की बाढ़ से पूरे गांव के लोगों की फसल नष्ट हो गई। लोगों के दरवाजे तक बाढ़ का पानी भरा था, लेकिन जब बाढ़ राहत सामग्री वितरण की गई तो गांव के कुछ लोगों को राहत सामग्री देकर वितरण बंद कर दिया गया, जिससे अधिकतर लोग बाढ़ रहा सामग्री पानी से वंचित रह गए हैं। गांववालों का कहना था कि राहत सामग्री सभी को नहीं दी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
गांव के लोगों ने हल्का लेखपाल पर सूची बनाने में मनमानी का आरोप लगाए और उसे हटाए जाने की मांग की। मौके पर पहुंचे तहसीलदार योगेंद्र पांडेय ने बाढ़ पीड़ितों को समझाते हुए कहा कि जितने लोगों की सूची बनाई गई थी और जो लोग प्रभावित थे। उन्हें बाढ़ राहत सामग्री नियमानुसार दे दी गई है। अगर सूची बनाने में गड़बड़ी की गई है तो दूसरे लेखपाल से जांच कराई जाएगी। अगर कोई पात्र राहत पाने से वंचित रह गया है तो उसे सामग्री जरूर दी जाएगी। आश्वासन पर लोगों ने रास्ता खाली कर दिया।