धनघटा। मानसून की पहली बारिश ने गांव में लाखों रुपये खर्च करके जल निकासी के लिए बनाई गई नाली और उसके साफ-सफाई की पोल खोल दी है। नालियां जहां जाम पड़ी हैं, वहीं सड़कों पर पानी बह रहा है। यह नजारा विकासखंड हैंसर बाजार के कई गांवों में देखने को मिल रहा है।
सरयू नदी के निकट बसे गांव खाले पुरवा का हाल यह है कि पिछले वर्ष गांव में 14 लाख रुपये से सीसी रोड और उसके बगल में जल निकासी के लिए नाली का निर्माण कराया गया। ग्रामीण रामदयाल, श्रीराम, रामप्रताप, रवि कुमार, शिवकुमार, राजेश आदि का कहना है कि नाली इस कदर जाम हो गई है कि उसके रास्ते पानी निकल ही नहीं पा रहा है। पूरा पानी सीसी सड़क पर बह रहा है, जिससे आने जाने वालों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गांव वालों का कहना है कि पिछले वर्ष इस सड़क और नाली का निर्माण एक जनप्रतिनिधि की निधि से कराया गया। नाली का निर्माण जिस समय हो रहा था एक तरफ नाली बन रही थी तो दूसरी तरफ क्षतिग्रस्त हो रही थी। उस समय इसका विरोध भी किया गया तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसका परिणाम बरसात के समय गांव वालों को भुगतना पड़ रहा है।
इसी तरह रास्ते पर जल भराव की समस्या ग्राम पंचायत मदरा, नावन खुर्द, कर्मा, अशरफपुर, जगदीशपुर, मल्लहेपुर, कोचरी आदि गांव में बनी हुई है, जबकि ग्राम पंचायत के जरिये नाली निर्माण का कार्य कुछ न कुछ प्रत्येक गांव में कराया गया है।
गांव वालों का कहना है कि नाली की सफाई भी नहीं होती है। सफाई करने की जिम्मेदारी उठाने वाले सफाईकर्मी कब गांव में आते हैं और कब चले जाते हैं, इसकी जानकारी गांव के लोगों को नहीं हो पाती है। नाली की सफाई यदि हुई होती तो पानी उसी रास्ते गांव के बाहर निकल जाता। इस संबंध में एडीओ पंचायत आनंद मोहन का कहना है कि सफाई के लिए सभी कर्मियों को निर्देशित किया गया है। अगर किसी गांव में सफाई नहीं हुई है तो पता करके संबंधित सफाईकर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।