सेमरियावां। इस्लामी वर्ष का नवां और पवित्र माह रमजान को लेकर तैयारियों शुरू हो गई हैं। मस्जिदों को भी साफ सफाई करने के साथ रोजेदारों की इबादत के लिए तैयार किया जा रहा है। माहे रमजान दस्तक देने को तैयार है और बाजार भी पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। शुक्रवार की शाम रमजान का चांद नजर नहीं आया। दिल्ली चांद कमेटी और देवबंद ने भी शुक्रवार की शाम चांद नजर नहीं आने का एलान किया है। रमजान का पहला रोजा रविवार से शुरू होने की उम्मीद है।
मुस्लिमों के लिए रमजान का महीना बहुत ही पाक (पवित्र) माना जाता है। इसलिए मुस्लिम लोग रमजान के पूरे महीने रोजा रखते हैं। पांच साल के बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई पांचों वक्त की नमाज अदा करता है। रमजान के महीने में अल्लाह की इबादत करने का 70 गुना पुण्य मिलता है।
मुस्लिम समाज के लोग पूरे महीने रोजे रखकर इबादत करते हैं। मौलाना फुजैल नदवी कहते हैं कि इसे अल्लाह का महीना कहा जाता है। इस महीने में अल्लाह शैतान को कैद कर देता है। गुनाहों से बचने और अल्लाह से माफी मांगने का महीना है। इस मुबारक महीने में हर रोजेदार अल्लाह का मेहमान होता है। इस समय बाजार में सबसे ज्यादा खजूर की बिक्री शुरू हो गई है।