संतकबीरनगर। मानसून आने में कुछ दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक शहर की जलनिकासी की व्यवस्था मुकम्मल नहीं हो सकी है। हालात ये हैं कि शहर के नाले अधूरे पड़े हैं तो कहीं अभी निर्माण कार्य शुरू हुआ है। नगर पालिका प्रशासन एक पोकलेन के सहारे नाले की सफाई का दावा नगर पालिका कर रहा है। ऐसे में समय से नहीं चेते तो बरसात के मौसम में एक बार फिर शहर जलभराव की समस्या से जूझता नजर आएगा।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में छोटे-बड़े कुल 36 नाले हैं। इन नालों की सफाई के लिए सिर्फ पालिका प्रशासन के पास सिर्फ एक पोकलेन मशीन है। इसकी वजह से नालों की सफाई व्यवस्था लचर बनी हुई है।
यही नहीं मानसून आने में कुछ ही दिन शेष बचे हैं, लेकिन अभी तक नाले की सफाई नहीं हो सकी है। पिछले कई सालों की बात करें तो शहर में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती रही है। इनमें गोला बाजार, अंसार टोला, सरयू नहर काॅलोनी, मुखलिसपुर तिराहा, विधियानी, मड़या, गोरखल आदि ऐसे स्थान हैं, जहां जलभराव के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसे देखते हुए पालिका प्रशासन ने मेंहदावल बाईपास से कलक्ट्रेट तक नाला का निर्माण कराया है, जबकि यह नाला बड़गो तक बनना है। जिला अस्पताल के पास नाला अधूरा छोड़ दिया गया है। साथ ही एआरटीओ ऑफिस से पटखौली तक नाला का निर्माण कराया गया, लेकिन पटखौली विद्यालय के पास नाला अधूरा छोड़ दिया गया है।
शहर के बनियाबारी से खुदवा तक नाला का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। प्रमुख नालों को भी आपस में जोड़ने का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे लोगों को जलभराव की चिंता सता रही है। इस समय पालिका प्रशासन नालों की सफाई में जुटा हुआ है, लेकिन एक मात्र मशीन होने के कारण समय से नालों की सफाई हो पाएगी, इसमें संशय बना हुआ है।
शहर के गोला बाजार निवासी संजय कुमार, अजीत वर्मा आदि ने बताया कि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में पालिका प्रशासन को समय से नालों की सफाई का कार्य पूरा कराना चाहिए। साथ ही अधूरे नालों का निर्माण पूरा कराकर इन्हें प्रमुख नालों से जोड़ना चाहिए।