सांथा। मनरेगा कर्मियों को लंबे समय से मानदेय न मिलने से उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ब्लाॅक अध्यक्ष की अगुवाई में ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर और तकनीकी सहायकों ने खंड विकास अधिकारी की अनुपस्थिति में कार्यालय के बड़े बाबू को ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय के भुगतान की मांग की। रोजगार सेवकों ने कहा की मानदेय न मिलने से वह लोग कार्य करने में असमर्थ हैं। वहीं परिवार के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन में ब्लाॅक अध्यक्ष दुर्गेश उपाध्याय ने कहा कि विभाग के निर्देशों के अनुसार गांवों के विकास कार्यों में लगातार योगदान दे रहे हैं। विभागीय कार्यों के साथ-साथ वीओआईडी सत्यापन, क्रॉप सर्वे सहित अन्य योजनाओं से जुड़े कार्य भी पूरी जिम्मेदारी के साथ किए जा रहे हैं। जुलाई 2025 से मानदेय नहीं मिला है। इसके कारण दीपावली और होली जैसे त्योहारों पर परेशानी झेलनी पड़ रही है। कर्मियों ने गंभीर आर्थिक संकट का हवाला देते हुए कहा कि वे विभागीय दायित्वों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे हैं।
इस मौके पर अमरनाथ राय, संगम त्रिपाठी, मो. अयूब, अश्विनी त्रिपाठी, ज्ञानदास चौरसिया, परमात्मा प्रसाद, अश्विनी श्रीवास्तव, सतीश चंद्र पांडेय, धर्मेन्द्र कुमार, कमलेश कुमार, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।