विधायक जय चौबे व पूर्व सांसद कुशल तिवारी सपा में शामिल
संतकबीरनगर। लंबे समय से नाराज चल रहे दिग्गज भाजपाई एवं खलीलाबाद सदर के विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने आखिरकार रविवार को भाजपा को अलविदा कह दिया। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने समर्थकों के साथ सपा का दामन थाम लिया। कुछ समय पहले बसपा से निष्कासित पूर्व सांसद भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी भी अपने भाई के साथ सपा में शामिल हो गए। विधान सभा चुनाव से पूर्व दोनों दिग्गज नेताओं के सपा में शामिल होने से भाजपा व बसपा को करारा झटका लगा है।
खलीलाबाद सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे व पूर्व सांसद कुशल तिवारी रविवार की सुबह काफिले के साथ लखनऊ रवाना हुए। दोपहर में प्रदेश कार्यालय पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की मौजूदगी में दोनों नेता समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। साथ ही पूर्व सांसद कुशल तिवारी के छोटे भाई बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी और पूर्व सभापति विधान परिषद गणेश शंकर पांडेय ने भी सपा का दामन थाम लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदस्यता दिलाते हुए सभी का स्वागत किया। दोनों नेताओं के सपा में शामिल होने से जिले में विधान सभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा व बसपा को बड़ा झटका लगा है। कारण यह है कि दोनों नेताओं का अपना बड़ा जनाधार है। इसकी बानगी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में देखने को मिली थी। सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने अपने करीबी बलराम यादव को सपा में शामिल कराते हुए न सिर्फ जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा की तमाम कोशिशों के बाद भी यह साबित कर दिया था कि जिले की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ है। बलराम यादव के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि देर-सबेर दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे पाला बदलेंगे। जो रविवार को सच साबित हुआ।
खलीलाबाद विधायक दिग्विजय नारायण चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में परिवर्तन की बयार चल रही है। 2022 में सपा की सरकार बनने जा रही है, जनता पूरा मन बना चुकी है। हम सभी पूरी निष्ठा के साथ समाजवादी पार्टी को मजबूत बनाने के साथ ही जनपद की तीनों विधान सभा सीटों पर जीत दिलाएंगे ही साथ ही पूर्वांचल की भागीदारी सबसे मजबूत होगी। वहीं कुुशल तिवारी ने कहा कि 2022 में प्रदेश की सत्ता में बदलवा तय है।