बता दे कि शनिवार को राम जानकी मार्ग पर बसवारी गांव के समीप गांव के लोग पीछा करके एक पिकअप में लदा अनाज गांव वालों ने बरामद किया था।
गांव वाले कोटे का अनाज होने की बात कहते हुए तहसील प्रशासन को सूचना दी थी। तहसील प्रशासन ने पिकअप समेत अनाज को पुलिस को सुपुर्द कर दिया था।
तहसीलदार राजेश गुप्ता ने बताया कि सप्लाई इंसपेक्टर और हाट शाखा प्रभारी की टीम ने मामले की जांच की। क्षेत्र के एक गांव के कोटेदार का स्टॉक जांच किया और उठान के हिसाब से वितरण होना पाया।
अनाज को वैध बताते हुए रिपोर्ट दी। एसडीएम धनघटा हरीराम यादव ने बताया कि अभी इस संबंध में कोई रिपोर्ट उन्हें नही मिली है।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही उसके बारे में सही जानकारी दे पाएंगे। जबकि एसओ धनघटा ब्रजेश सिंह यादव ने बताया कि तससीलदार के रिपोर्ट के आधार पर अनाज को छोड़ दिया गया।
जबकि चर्चा है कि थाने पर खडी पिकअप को छुड़वाने के लिए राजनैतिक दबाव तहसील प्रशासन से लेकर पुलिस पर बनाया गया।
जिसका नतीजा रहा है कि जांच की प्रक्रिया जल्दी पूरी हुई,जो एसडीएम तक नहीं पहुंची और अनाज लदा पिकअप छोड भी दिया गया