ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सुरक्षित मातृत्व सप्ताह के सफल संचालन के लिए सभी एएनएम को ट्रेनिंग दी गई है।
साथ ही गांव में मौके पर ही सभी जरूरी जांच हो इसके लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र पर तैनात एएनएम को जांच किट उपलब्ध करा दी गई है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों के अन्तर्गत आने वाले गांवों में विशेष सत्र का आयोजन होगा। इस प्रकार प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्र की एएनएम के नेतृत्व में आठ दिनों में आठ सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
सत्रों के नियोजित आयोजन के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के मुताबिक माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है।
गांवों में कार्यक्रम बेहतर तरीके से आयोजित हो और इसकी बेहतर मॉनीटरिंग हो इसके लिए ब्लॉक के सभी 26 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को पांच कलस्टर में बांट दिया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक कलस्टर में निगरानी केलिए एक-एक चिकित्सक तैनात किए गए हैं।