- खाद्य विभाग के जरिये भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में ज्यादातर मिले अधोमानक
- स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों को दावत दे रहे यह मिलावटी सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में पनीर में मिलावट के बाद अब मिल्क केक और छेना की मिठाई में भी मिलावट है। छेना और मिल्क केक में स्टाॅर्च मिलाया गया था। वहीं पनीर में फैट कम पाया गया है। खाद्य विभाग अब इनके खिलाफ सीजेएम न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी में है।
होली का पर्व आने वाला है। ऐसे में मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। खाद्य टीम ने दीपावली के समय अक्तूबर व नवंबर में छेना, पनीर, मिल्क केक, आईस्क्रीम, खोआ आदि के नमूने लिए थे। इसे जांच के लिए भेजा गया। यह सभी अधोमानक पाए गए हैं। छेना और मिल्क केक में स्टाॅर्च की मिलावट मिली है। साथ ही इसमें कलर पाया गया है। वह भी मानक से अधिक था।
इसके साथ ही पनीर के तीन नमूने में फैट कम मिला है। खोआ में भी फैट कम पाया गया। मिलावटी खाद्य सामान खाकर लोग गंभीर बीमारियों को आमंत्रण दे रहे हैं। मिलावटी खाेआ, छेना व पनीर के सेवन से फूड प्वाइजनिंग, लीवर और किडनी से जुड़ी बीमारियां होने की संभावना रहती है। इसलिए असली खाद्य पदार्थों की पहचान करना बेहद जरूरी है। अब होली आ रही है। ऐसे में मिलावट खोर फिर सक्रिय हो जाएंगे। लोगों को इससे सतर्क रहना होगा। खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय उस पर ध्यान देना होगा और उसकी गुणवत्ता को परखकर ही खरीदारी करनी होगी।
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खोआ में कितना होना चाहिए फैट
खोआ में मानक के अनुसार 30 प्रतिशत फैट होना चाहिए, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, लेकिन इस सैंपल में 24 प्रतिशत ही फैट पाया गया है। जो अधोमानक की श्रेणी में रखा गया है।
पनीर में कितना होना चाहिए फैट
एक किलोग्राम शुद्ध पनीर में 175 ग्राम फैट होता है। वहीं दूध में अगर मिलावट है तो 150 ग्राम फैट होना जरूरी है, लेकिन इन सभी नमूने में फैट की मात्रा 20 से 30 ग्राम मिली है। जो पेट से संबंधित बीमारी को पैदा करता है।
क्यों मिलाते हैं स्टाॅर्च
मिल्क केक में ठोस पदार्थ बढ़ाने और वजन तथा गाढ़ापन बढ़ाने के लिए स्टाॅर्च मिलाया जाता है। स्टाॅर्च और अन्य रसायनों की मिलावट से पाचन तंत्र (पेट) और गुर्दे (किडनी) से संबंधित गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
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कैसे करें पहचान
मिल्क केक या दूध में आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि रंग नीला-काला हो जाता है, तो इसमें स्टाॅर्च की मिलावट की गई है।
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शुद्ध पनीर की कैसे करें पहचान
अगर आप असली और नकली पनीर में पहचान करना चाहते हैं। ऐसे आपको सबसे पहले पनीर को पानी में उबालना होगा। इसके बाद उसको बाहर निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। पनीर जब ठंडा हो जाए, उस पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर छोड़ दें। यह करने के बाद पनीर का रंग हल्का लाल होता है, तो ऐसे में पनीर को डिटर्जेंट या यूरिया की मदद से बनाया गया है।
असली पनीर का पता उसकी खुशबू से भी लगाया जा सकता है। नकली पनीर में किसी भी तरह की कोई खुशबू नहीं आती है। वहीं असली पनीर में दूध जैसी खुशबू आती है।
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छापेमारी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। सैंपल की रिपोर्ट भी आई है। पनीर और खोआ में फैट कम मिला है। वहीं मिल्क केक और छेना में स्टॉर्च की मिलावट है। पर्व आने वाले हैं, अब जांच अभियान तेज किया जाएगा।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन