विकास खंड पौली के ग्राम पंचायत निहैला में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में गाइड लाइन के विपरीत सौ दिन से अधिक काम देना दर्शाकर भुगतान कराए जाने की शिकायत जांच में सही पाई गई। जांच में यह भी पाया गया कि कोटेदार को भी मनरेगा मजदूरी का भुगतान किया गया है। जांच अधिकारी ने इस मामले में पूर्व ग्राम प्रधान से 38810 रूपये वसूली की संस्तुति करते हुए सीडीओ को रिपार्ट दी है।
ग्राम सभा के महातम व अन्य ने शिकायत की थी कि मनरेगा योजना के तहत गाइड लाइन के विपरीत काम देकर अनियमितता बरती गई है। मुख्य विकास अधिकारी लालजी यादव ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी पौली व सहायक अभियंता लघु सिंचाई को जांच सौंपी थी। दोनों अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर जांच की तो पाया कि गांव के कोटेदार सुरेंद्र को मनरेगा में काम दिया और उन्हें 34322 रुपये का भुगतान किया गया है। जांच टीम ने इसे अनियमितता माना और उनका जॉबकार्ड निरस्त करते रिकवरी की संस्तुति की।
इसी प्रकार गेना देवी को 102 दिन काम दिया गया, जो गाइड लाइन के मुताबिक गलत है। इसी प्रकार प्रभावती देवी व धर्मेंद्र को भी 108 दिन काम दिया जो कि सौ दिन से अधिक है, ऐसे में यह अनियमितता की श्रेणी में आता है। इस प्रकार कुल 38810 रूपये की अनियमितता पकड़ी गई। जांच टीम ने सीडीओ को जांच रिपोर्ट सौंपते हुए इस धन की रिकवरी पूर्व प्रधान से कराने की संस्तुति की है।