कस्बे के तुलसीपुर वार्ड में 18 अप्रैल की रात दो पक्षों में हुई थी मारपीट
विवाद शांत कराने गई पुलिस पर भी हुआ था पथराव, मामले में थाना फूंकने की भी दी गई है धमकी
मेंहदावल। नगर पंचायत के तुलसीपुर वार्ड में दो पक्षों के बीच मारपीट और पुलिस पर पथराव की घटना को 17 दिन बीत गए। मामले में पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। यही नहीं इस घटना को लेकर मेंहदावल के एक युवक व फरेंदा की एक महिला नेत्री ने थाना फूंकने तक की धमकी दी थी, लेकिन उसमें कार्रवाई केवल प्राथमिकी दर्ज करने तक सीमित है। मारपीट मामले में छह नामजद और आठ अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है, जबकि पुलिस पर पथराव के मामले में 10 नामजद समेत 15-20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज है।
कस्बे के तुलसीपुर वार्ड में 18 अप्रैल की रात दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इसमें एक पक्ष के लोगों द्वारा मेंहदावल थानेदार के वाहन पर पथराव किया गया। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था। इसके बाद बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया था। पुलिस ने मारपीट के मामले में एक आरोपी अर्जुन यादव का शांतिभंग में चालान किया था।
वहीं इस मामले को लेकर मेंहदावल के पवन निषाद ने सोशल मीडिया पर थाना फूंकने की धमकी दी थी। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस ने आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की है।
इस मामले को लेकर फरेंदा निवासी व निषाद पार्टी की महराजगंज की महिला विंग की पूर्व जिलाध्यक्ष गीता निषाद ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर थाना फूंकने की धमकी दी थी, जिसके खिलाफ बीएनएस की धारा 196, 353(2), 352 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस टीम फरेंदा दबिश देने भी गई थी, लेकिन वह पकड़ से दूर रही।
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घटना में बिच्छू गैंग के भी शामिल होने की रही चर्चा
मेंहदावल में हुए बवाल के मामले में बिच्छू गैंग के भी शामिल होने की चर्चा रही। बताया जाता है कि पुलिस पर पथराव में बिच्छू गैंग के कुछ गुर्गे शामिल रहे। हालांकि पुलिस ने बिच्छू गैंग के होने से इन्कार किया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में एक पक्ष एक राजनीतिक दल से जुड़ा है, इसलिए भी पुलिस गिरफ्तारी में रुचि नहीं दिखा रही है।
एसओ सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों को चिह्नित करने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वह फरार हैं। कई आरोपियों का मोबाइल नंबर प्रकाश में आया है, उसके जरिये गिरफ्तारी में पुलिस जुटी है। पुलिस पर पथराव के मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें न्यायालय भेजा जाएगा।