धनघटा क्षेत्र के मुडेरा शुक्ल गांव में गुरुवार को कोटा चयन के लिए बुलाई बैठक में स्थल चयन के विवाद को लेकर गांव वाले उग्र हो गए और जमकर हंगामा किया। नाराज गांव वालों ने मौके पर पहुंचे बीडीओ की गाड़ी को घेर लिया। इससे बीडीओ और एडीओ गांव में नहीं घुस पाए और उन्हें मौके की नजाकत को देखते हुए भागना पड़ा। कोटेदार पद के तीन दावेदार जहां राम जानकी मार्ग के बगल स्थित एक विद्यालय पर बैठक कराए जाने की जिद पर अड़े थे, वही एक दावेदार गांव में स्थित काली मंदिर के बगल प्राथमिक विद्यालय पर अपने समर्थको के साथ अधिकारियों के आने का इंतजार में थे। विवाद के चलते कोटा चयन नहीं हो सका।
मुंडेरा शुक्ल के कोटे की दुकान रिक्त चल रही है। नई दुकान के चयन के लिए गुरुवार को गांव की खुली बैठक बुलाई गई थी। कोटेदार पद के दावेदार धर्मराज यादव, सीताराम चौहान, गिरजा शुक्ल का आरोप था कि राम जानकी मार्ग के बगल स्थित संस्कृत विद्यालय पर बैठक हो और मतदान के जरिए कोटेदार का चयन किया जाए। जबकि दूसरे दावेदार शिवमूरत यादव ग्राम प्रधान समेत अन्य लोग गांव में स्थित काली मंदिर के पास प्राथमिक विद्यालय पर बैठक कराने के लिए अपने समर्थको के साथ अडे हुए थे।
बैठक में भाग लेने के लिए बीडीओ सौरभ पांडेय और एडीओ पंचायत राम अशीष चौधरी जब सेक्रेटरी रामनरायन तिवारी के साथ पहुंचे तो राम जानकी मार्ग पर मौजूद लोग उन्हें वही रोक लिए और संस्कति विद्यालय में बैठक कराने की मांग करने लगे। अधिकारी जब गांव में बैठक कराने की बात कहे तो ग्रामीण उग्र हो गए । राम जानकी मार्ग को जाम कर दिया। जिससे आवागमन ठप हो गया। उसके बाद अधिकारी वापस जाने के लिए गाडी में बैठे तो गांव के लोग उनकी गाडी घेर लिए। किसी तरह अधिकारी जान बचाकर भागने में सफल हुए।
दूसरी तरफ ग्राम प्रधान श्रवण यादव ने कहा कि बैठक काली मंदिर के बगल होने के लित्र्ए प्रस्तावित थी। यहा पर गांव के आधे से अधिक लोग पहुंच चुके थे, लेकिन कुछ लोग अपनी हार को होते देख स्थल को लेकर विवाद कर दिए। बीडीओ सौरभ पांडेय ने बताया कि बैठक स्थगित कर दी गई। अगली बैठक की तिथि बाद में तय की जाएगी। जिसमें पुलिस के लोग भी मौजूद रहेगे। गांव वालो के हंगामा के कारण राम जानकी मार्ग करीब एक घंटा जाम रहा । अधिकारियो के जाने के बाद लोगों ने स्वत: रास्ता खाली कर दिया। उसके बाद आवागमन शुरू हुआ।