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जिला अस्पताल में सिर्फ 28 फीसदी दवाएं मौजूद

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जिला अस्पताल में दवा के काउंटर पर दवा लेते मरीज।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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जिला अस्पताल में सिर्फ 28 फीसदी दवाएं मौजूद
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अस्पताल को प्रतिदिन दवाओं की उपलब्धता के बारे में नोटिस बोर्ड पर देनी होती है जानकारी
प्रबंधन का दावा, जरूरत की दवाएं काउंटर पर, शेष ड्रग्स सेंटर में, जरूरत पड़ने पर दी जाती हैं मरीजों को दवाएं
अस्पताल की सूची के अनुसार 96 में से केवल 27 दवाएं ही मौजूद, बाकी की दवाएं मरीज बाजार से रहे हैं खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में इस समय दवाओं का टोटा है। फिलहाल 96 में से केवल 27 तरह की दवाएं मौजूद हैं। अस्पताल की सूची के अनुसार केवल 28 फीसदी दवाएं मरीजों को मिल पा रही हैं। शेष दवाएं रोगियों को बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जरूरत के अनुसार दवाओं को काउंटर पर रखा गया है। बाकी दवाएं ड्रग्स सेंटर में रखी गई हैं। जिस मरीज को जरूरत होती है, ड्रग्स सेंटर से मंगाकर दवाएं दी जाती हैं। हालांकि, गंभीर बीमारियों की दवाएं नहीं होने की बात अस्पताल प्रशासन भी स्वीकारता है।
शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल प्रशासन दवा काउंटर के पास नोटिस बोर्ड पर प्रतिदिन दवाओं की उपलब्धता की सूची लगाता है। इसके अनुसार अस्पताल की ओर से मरीजों को 96 तरह की दवाएं मुफ्त में देनी होती हैं, लेकिन इनमें से केवल 27 तरह की दवाएं ही अस्पताल में उपलब्ध हैं। जाहिर है कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं नहीं होने से मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर जिला अस्पताल प्रशासन फिर से नोटिस बोर्ड पर दवाओं की उपलब्धता के बारे में मरीजों को सूचना देने लगा है। वैसे तो यह प्रक्रिया हर रोज और बारहों महीने करनी होती है, लेकिन इधर इस पर विराम लग गया था। अब एक बार अस्पताल प्रशासन फिर सक्रिय हुआ है। इसकी वजह यह है कि स्वास्थ्य मंत्री को अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान दवाओं की कमी की शिकायतें अधिक मिलती रही हैं। इसके बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने जिला अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी में उपलब्ध दवाओं की जानकारी देने के लिए नोटिस बोर्ड लगाने का निर्देश दिया है।
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मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रहीं दवाएं
ओपीडी में इलाज कराने आए मुकुंदपुर निवासी राममिलन, बघौली निवासी राज कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने पांच तरह की दवाएं लिखी थीं। दवा काउंटर पर तीन ही दवाएं मिलीं, जबकि नोटिस बोर्ड में इन दवाओं का जिक्र है। चिकित्सक के पास जाकर बताया कि दवाएं नहीं हैं, तो उन्होंने दवा बदलकर दूसरी लिखी, लेकिन वह भी नहीं मिली। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1,500 के करीब मरीज इलाज कराने आते हैं। पर्याप्त मात्रा में दवा नहीं होने पर मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं।
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जरूरत के अनुसार दवाओं को काउंटर पर रखवाया गया है। बाकी दवाएं ड्रग्स सेंटर पर रखी गई हैं। गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, हार्ट आदि की दवाएं नहीं हैं। अगर कोई मरीज आता है और उसे दवा की जरूरत है, तो ड्रग्स सेंटर से दवाएं मंगाकर दी जाएंगी। इस संबंध में नोटिस बोर्ड पर सूचना नहीं दे सकते हैं।
- डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस
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