- अस्पताल में दो दवा काउंटर संभाल रहे एक फार्मासिस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में दवा लिखने डॉक्टर बहुत हो गए हैं, लेकिन दवा देने वाले फार्मासिस्ट की संख्या घट गई है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते है कि एक फार्मासिस्ट दो दवा काउंटर को अकेले ही संभाल रहा है। फार्मासिस्ट की निगरानी में ही प्रशिक्षु दवा बांट रहे हैं। जानकारी नहीं होने पर कई बार मरीजों को गलत दवा दे देते है। जिसके बाद चिकित्सक दवा बदलवाते हैं।
जिला अस्पताल में पुरुष व महिला ओपीडी में पहुंचते हैं। जानकारी के अनुसार दवा काउंटर पर एक फार्मासिस्ट की तैनात है। साथ ही डिप्लोमा किए प्रशिक्षुओं को दवा वितरण के लिए लगाया गया है। अस्पताल के हर दवा काउंटर पर एक फार्मासिस्ट का होना अनिवार्य है। मगर फार्मासिस्ट की कमी होने के कारण डी. फार्मा व बी. फार्मा के बाद प्रशिक्षण लेने आए प्रशिक्षु के सहयोग से दवाई दिलाई जा रही है।
दवाई की जानकारी कम होने पर प्रशिक्षु देर में दवाई दे रहे है। मरीज जब डॉक्टर को दवा दिखा रहा है तो फिर डॉक्टर दवा बदलवा रहे हैं। दवा काउंटर पर जो प्रशिक्षु लगाए गए हैं। उन्हें हिदायत दी गई है कि दवा देते समय उसे मौजूद फार्मासिस्ट को जरूर दिखा लें।
पेट दर्द की की जगह दी शुगर की दवा
मरीज शेषनाथ ने बताया कि पेट में दर्द था। जिसकी वजह से वह अस्पताल में दवाई लेने आया। चिकित्सक ने दवाई लिख दी। मगर काउंटर पर दवा दी तो उसे चिकित्सक को दिखाया। जिसमें पेट दर्द की दवा की जगह शुगर की दवा दे दी थी, बाद में उसे बदलवाया। वहीं सिंहारे का कहना था कि डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने दवा लिखी। एक टेबलेट गलत दे दी, जिसे फिर बदलवाया। इसमें करीब 20 मिनट लग गया। बुढ़ाने की वजह से काफी परेशानी हुई।