संतकबीरनगर। नवमी के दिन रविवार को सुबह से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्त नवमी के दिन पूर्णाहुति देने के लिए सुबह से मंदिरों हवन पूजन कर मन्नतें मांगी। शहर सहित देहात क्षेत्र के देवी मंदिरों में काफी भीड़ देखी गई।
खलीलाबाद के समय माता मंदिर, उसका कला की बन देवी, मेंहदावल के कुबेर नाथ बाराखाल, नगरवाली माता मंदिर, हैंसर बाजार के कोचरी के देवी स्थान समेत क्षेत्रों के अन्य देवी मंदिरों पर प्रात: काल से पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे। लोगों ने स्तुति पूजा के बाद हवन कर अनुष्ठान पूरा किया। लक्ष्मीनारायण मंदिर पर नौ दिनों तक चलने वाले रामचरितमानस के पाठ के बाद हवन किया गया। बरदहिया स्थित मां दुर्गा मंदिर पर अक्षत, चंदन, पुष्प चढ़ाते हुए लोगों ने पूजा पाठ की। जबकि मंदिर के बाहर दर्जनों की संख्या में एक साथ बैठकर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हवन कराया। गायत्री शक्ति पीठ के आचार्य ने पीठ पर स्थित यज्ञशाला में हवन के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि यज्ञ से जो धुआं उठता है, उससे वायुमंडल शुद्ध होता है। इसी तरह से बेलहर कला के भितरी टोला में स्थित सिद्धेश्वरी माता मंदिर पर सुबह से लोग हवन पूजन के लिए पहुंचे और वहां पर लोगों ने नौ कन्याओं का पूजन कर भोजन कराया।
खलीलाबाद रामजानकी मंदिर पर हवन पूजन के साथ भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान भजन कीर्तन के साथ रामचरित मानस का सुंदरकांड हुआ। अंत में राम जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद दिया गया। इस मौके पर महंत कृष्ण मुरारी दास, संगीता, सुमन, रागिनी, अंकिता, अर्पिता, मंजूसा, बीना आदि मौजूद रही।