संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने पेट में चाकू मारकर हत्या करने के मामले में दोषी पाए जाने पर दोषी इंद्रजीत राजभर को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपया अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना बेलहर कला अंतर्गत ग्राम परसोहिया उर्फ सीगीयहवा निवासी वादी ओमकार राजभर ने थाना दुधारा में प्रार्थना पत्र दिया कि चार सितंबर 2022 को शाम करीब 6:30 बजे मेरा भाई सत्तन राजभर उम्र करीब 30 वर्ष सुनतल नगर घटवा चौराहे पर माया राम कोटेदार की दुकान पर था। वहीं पर मेरे गांव का इंद्रजीत राजभर पुत्र रामफल राजभर अचानक आकर उसके पेट में चाकू मार दिया। हम लोग भाई को सेमरियावा ले आए जहां पर डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दुधारा थाने में केस दर्ज हुआ और विवेचना के उपरांत विवेचक ने आरोपी इंद्रजीत राजभर के विरुद्ध आयुध अधिनियम व हत्या करने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट में दौरान विचारण अभियोजन पक्ष ने वादी मुकदमा ओमकार राजभर सहित सात गवाहों ने गवाही दी तथा नौ प्रलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष ने दो गवाहों को परीक्षित कराया। मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं पक्षों की बहस व अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए थाना दुधारा में पंजीकृत मुकदमे में चाकू से मार कर पेट में हत्या करने के दोषी इंद्रजीत राजभर पुत्र रामफल राजभर को आजीवन कारावास की सजा व 20 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। साथ ही जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किए जाने का भी आदेश दिया है।