खतौनी के लिए मेहदावल तहसील में लगी किसानों की भीड़।
संतकबीरनगर/धनघटा। खतौनी में अंश निर्धारण में गड़बड़ी से लोग परेशान हैं। एक गाटा में कई सह खातेदारों के नाम होने से किसका कितना रकबा है, इसको विभाजित करते हुए सभी का अंश निर्धारण राजस्व परिषद के आदेश पर तहसीलों पर किया जा रहा है, लेकिन अंश निर्धारण में हुई त्रुटि को ठीक कराने के लिए किसानों को भागदौड़ करनी पड़ रही है। धनघटा के गायघाट निवासी रामअचल का कहना है कि उनके गाटा में तीन हिस्सेदार हैं। तीनों का बराबर-बराबर हिस्सा है, लेकिन अंश निर्धारण के समय एक हिस्सेदार के नाम के आगे अधिक रकबा दर्ज हो गया है।
बाकी दो लोगों का कम हिस्सा है, जिसे ठीक करने के लिए तीन महीने से तहसील का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुआ।
मुरारी का कहना है कि उनके गाटा संख्या में पांच हिस्सेदारों का नाम दर्ज है। पांचों का हिस्सा बराबर दर्ज होना चाहिए, लेकिन दो लोगों का हिस्सा अधिक दर्ज है, और तीन कम रकबे के मालिक हैं।
उनका कहना है कि इसे ठीक करने के लिए तहसील का चक्कर काट रहे हैं।
राधेश्याम, मंटू, कमलेश, राजदेव, मधुबन, वृंदावन आदि किसानों की भी यही समस्या है। वह भी सही ढंग से अंश निर्धारण करने के लिए परेशान हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह का कहना है कि अंश निर्धारण में भारी पैमाने पर त्रुटियां आई हैं, जिसे अब लेखपाल के स्तर से ठीक किया जा रहा है। यदि लेखपाल ठीक करने में आनाकानी करते हैं तो नायब तहसीलदार को प्रार्थनापत्र देकर उसे ठीक कराया जा सकता है। अगर किसी को अपने काम में किसी प्रकार की दिक्कत आ रही है तो वह सीधे भी मिल सकता है।