डीएम को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य संरक्षित कबीर की समाधि व मजार परिसर में केंद्रीय पर्यटन विभाग और पुरातत्व विभाग द्वारा क्रय की गई भूमि पर विभाग की अनुमति से व्याख्यान केंद्र, प्रदर्शनी गलियां, लाइट एंड साउंड, कैफेटेरिया व 15 दुकानों का निर्माण कराया गया है। अब इन पर महंत विचारदास ने कब्जा कर ताला लगा दिया है। कैफेटेरिया व दुकानों का आवंटन भी महंत के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने नवनिर्मित भवनों से अतिक्रमण हटवाने तथा कैफेटेरिया व दुकानों का आवंटन रुकवाने का अनुरोध किया है।
कबीर चौरा महंत विचारदास ने कहा कि पुरातत्व विभाग के निर्देशों का पालन होगा। वैसे प्रोजेक्ट बनने से पहले सहायक निदेशक पर्यटन फैजाबाद से लिखित समझौता हुआ है कि निर्माण कार्य पूरा होने पर सभी प्रोजेक्टों की देखरेख सद्गुरु कबीर स्मारक संस्थान करेगा। अब इसी के अनुरूप किया जा रहा है।
पुरातत्व विभाग ने नोटिस चस्पा कर दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी गोरखपुर नरसिंह त्यागी ने सद्गुरु कबीर चौरा परिसर में नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में लिखा है कि कबीर की समाधि, मजार व संपूर्ण परिसर उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। परिसर में स्थित संपत्तियों की किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त, किराएदारी, बंधक करना गैर कानूनी है। ऐसा करने वाले के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।