जिलाधिकारी के निर्देश के बाद नायब तहसीलदार सदर ने बकायेदारों के यहां मंगलवार को छापेमारी की। टीम ने एक बकायेदार का ट्रैक्टर और दूसरे का टेंपो उठवा लाया। कबीर चौरा मगहर मठ के महंत विचार दास ने दो लाख रुपये जमा किए, तब जाकर उन्हें राहत मिली। नायब तहसीलदार आर के पांडेय ने बताया कि कबीर चौरा मगहर मठ के महंत विचार दास ने मठ की जमीन की संतकबीर आचार्य अमृत दास महा विद्यालय के नाम रजिस्ट्री कराई थी। रजिस्ट्री में निर्धारित राशि से कम कस स्टांप लगाया गया था। मामले में 3.43 लाख रुपये की राजस्व चोरी का मामला पकड़ में आया था। इसी की वसूली के लिए आरसी जारी हुई थी। बार-बार बकाया स्टांप ड्यूटी की मांग किए जाने के बाद भी महंत विचार दास रकम जमा नहीं कर रहे थे। मंगलवार को उन्हें कबीर चौरा मठ परिसर से पकड़ कर गाड़ी में बैठाया गया तो वह पहले टीम पर धौंस जमाने लगे। बाद में दो लाख रुपये मौके पर जमा किए, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके अलावा रजापुर सरैया गांव निवासी भगवान दास ने बैंक से लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। इन्होंने छह लाख सत्ताइस हजार रुपये बकाया जमा नहीं किया तो आरसी जारी हो गई। इनके यहां पहुंच कर पकड़ा गया तो उन्होंने रकम जमा नहीं की। बताया कि उनका ट्रैक्टर बस्ती जिले के बनकटी क्षेत्र के पुनिया गांव में है। वहां पहुंच कर ट्रैक्टर कुर्क करते हुए उसे खलीलाबाद लाया गया। इसी तरह बालूशासन निवासी सचिन्दर राय के टेंपों से दुर्घटना हो गई थी। कोर्ट ने इनपर पौने दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसमें से दो 35 हजार रुपये इन्होंने बार में जमा किए, शेष राशि जमा करने में आनाकानी कर रहे थे। इसी वजह से इनका टेंपोकुर्क करते हुए तहसील खलीलाबाद परिसर में जमा कराया गया।