संतकबीरनगर। बघौली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन आचार्य कुंडल ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से पुण्य की प्राप्ति होती है और दुख दूर हो जाते हैं। सनातन धर्मावलंबियों को भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। भागवत कथा हमारे जीवन को भक्तिमय एवं आनंदमय होने की सीख प्रदान करती है और जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत के अक्षरों में भगवान श्रीकृष्ण वास करते हैं।
उन्होंने कहा कि धनवान व्यक्ति वहीं है जो अपने तन, मन, धन से सेवा भक्ति करें। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम के द्वारा ही संभव हो सकती है। उन्होंने बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए महाराज ने कहा कि दुनिया में किसी भी कार्य को करने से पहले हमें उस कार्य से मिलने वाले लाभ और हानि के बारे में जानना आवश्यक है। उसी प्रकार भागवत महात्म्य की जानकारी के बाद ही हमें संपूर्ण भागवत का ज्ञान मिलता है।
इस अवसर पर मुख्य यजमान दुर्गेश चंद्र पाण्डेय, स्नेह लता पाण्डेय, समाजसेवी डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, सुरेश चंद्र पाण्डेय, शेषनाथ पाण्डेय, इंद्रदेव राय, डब्लू राय, सुनीता अग्रहरि,पूर्व चेयरमैन संगीता वर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी मेंहदावल अरिदमन सिंह, गंगा राय, आचार्य उपेंद्र, योगेश मिश्र आदि मौजूद रहे।