मेंहदावल। क्षेत्र में किसानों को खाद के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। सभी समितियों पर डीएपी के लिए सुबह से ही किसानों को लाइन में लगना पड़ रहा है। कई घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें एक बोरी डीएपी मशक्कत करने के बाद मिल पा रहा है। खाद नहीं मिलने से खेतों में बोआई का काम भी पिछड़ता जा रहा है।
शनिवार को साधन सहकारी समिति सांड़े खुर्द और पश्चिमटोला पर खाद आने की सूचना पर सुबह से ही किसानों की भीड़ इकट्ठा हो गई। किसान राजेन्द्र प्रसाद सिंह, नृपेंद्र त्रिपाठी, राकेश कुमार सिंह, सांड़ें खुर्द के अमरेश बहादुर सिंह, कमलेश सिंह, मनोज कुमार तिवारी, दिवाकर विक्रम सिंह, जितेंद्र मणि त्रिपाठी राजकुमार, महेंद्र तिवारी, कमलेश चंद्र त्रिपाठी, संतोष कुमार आदि ने कहा कि इस समय आलू, मटर, चना, सरसों आदि की बोआई चल रही है। गेहूं की बोआई का सही समय 15 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच होता है।
अधिकांश किसान समितियों से एडवांस में डीएपी की खरीद कर ले रहे हैं। इसकी वजह से कुछ जगहों पर खाद की कमी पड़ जा रही है।
किसान बद्री विशाल, उदयभान सिंह, अखिलेश सिंह, राज बहादुर यादव ने बताया कि यदि समय से डीएपी खाद नहीं मिली तो खेत से नमी चली जाएगी। इससे आलू, सरसों, मटर, चना, मसूर की बुआई भी काफी पिछड़ जाएगी। इससे फसल के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।