कोरोना ने बदला खान-पान व जीने का तरीका
- बाजार के खाने की वस्तुओं से लोग करने लगे परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोरोना महामारी ने लोगों के खान-पान और जीने का तरीका बदल दिया है। लोग बाजार में खाने-पाने की वस्तुओं से परहेज करने लगे हैं। सुबह चाय की जगह काढ़ा ने ले लिया है। स्वच्छता पर लोग विशेष ध्यान देने लगे हैं।
देश में कोरोना महामारी के मामला मार्च 2020 से शुरू हुआ। 22 मार्च 2020 से पूरे देश में एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया। उस समय लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या सावधानियां बरतें लेकिन शासन की गाइडलाइन और स्वास्थ्य कर्मियों व फ्रंटलाइन वकर्स द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान ने काफी हद तक कोरोना की जंग में भूमिका निभाई।
जागरूकता से जनपद में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से गिरावट आई। मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग लोगों ने करना शुरू किया। वर्तमान में भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने में लोग सावधानी बरत रहे हैं। सबसे ज्यादा खान-पान के बदलाव पर रहा। मार्केट में खुले में बिकने वाले सामनों से लोगों ने परहेज कर लिया। घर पर ही काढ़ा और इम्युनिटी बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन करने लगे। वर्तमान में स्कूल जाने वाले बच्चे मास्क में दिख रहे हैं तो स्कूलों में सैनिटाइजर का प्रयोग हो रहा है। बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी इस प्रकार की गई है कि लोगों के बीच दूरी बनी रहे। अपने आसपास सफाई पर लोग विशेष ध्यान दे रहे हैं। शहर के निवासी महेश कुमार, दिलीप अग्रहरि, चंद्र प्रकाश राय ने कहा कि पहले बाजार से कुछ भी खरीद कर खा लेते थे लेकिन अब बाजार के बने खाने-पीने वाली वस्तुओं से दूरी बना ली है। बच्चे जिद करते हैं तो घर पर कुछ नया बनाकर खिलाया जा रहा है। अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि कोरोना के मामले कम हुए हैं लेकिन अभी सतर्कता बरतना जरूरी है। कारण यह है कि देश के विभिन्न प्रांतों में कोरोना के मरीज बढ़े हैं। ऐसे में लोग मास्क जरूर लगाए और स्वच्छता पर ध्यान दें।