दहेज हत्या के आरोपी पति को आजीवन कारावास
न्यायालय ने सास-ससुर को भी 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई
धनघटा थाना क्षेत्र के गांव रामपुर तिलहा गांव में वर्ष 2012 में हुई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश संदीप जैन ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि सास और ससुर को 10-10 वर्ष का कारावास व अर्थदण्ड से दंडित किया है। मामला धनघटा थाना क्षेत्र से संबंधित है। तीनों आरोपी पहले से ही जेल में हैं।
गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के सुवरहा गांव निवासी रामकरन की बेटी रीना की शादी धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर तिलहा गांव निवासी दीपक कुमार के साथ एक मार्च 2012 को हुई थी। रामकरन के अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल वाले बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। 25 अक्तूबर 2012 को उन्हें दिल्ली में सूचना मिली कि उनकी लड़की 24 अक्तूबर से गायब है। वह दिल्ली से आए तो पता लगा कि सास पुष्पा देवी, ससुर रामचरन व पति दीपक कुमार ने रीना की साड़ी के फंदे से गला कसकर हत्या कर दी तथा शव को नदी में फेंक दिया। मामले में 31 अक्तूबर को धनघटा पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज किया। सीओ एमए सिद्दकी ने इसकी विवेचना कर रिपोर्ट न्यायालय को दी। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने मामले में बहस की। न्यायालय ने अभियुक्त दीपक कुमार को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना तथा सुसर रामचरन व सास पुष्पा देवी को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। तीनों आरोपी पहले से जेल में हैं।