संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास व पंद्रह हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। अर्थ दंड की संपूर्ण राशि व नालसा स्कीम के तहत 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश कोर्ट ने सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने बताया कि थाना धनघटा क्षेत्र के गांव निवासी पीड़िता की मां ने थाना धनघटा पुलिस को 14 अक्टूबर 2017 को तहरीर देकर बताया कि 10 अक्टूबर 2017 समय शाम 3 बजे गांव का आरोपी उसकी नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर कहीं ले गया। घटना के समय पीड़िता की उम्र 13 वर्ष दो माह 21 दिन थी। आरोपी ने उससे जबरदस्ती दुष्कर्म किया। थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोपी श्रवण कुमार उर्फ सरवन के खिलाफ नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने दुष्कर्म करने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत में आरोपी ने आरोप से इन्कार किया और विचारण की मांग की। अभियोजन पक्ष ने वादिनि मुकदमा सहित सात लोगों को अदालत में परीक्षित कराया तथा 12 प्रलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए। कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दोषी श्रवण कुमार उर्फ सरवन को आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष साधारण कारावास की सजा भुगतना पड़ेगा।