संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा और जुर्माना लगाया है। वहीं दोषी के पिता को एससीएसटी एक्ट में एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पिता पुत्र की सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि वह अनुसूचित जाति की महिला है। 16 फरवरी 2022 को समय करीब 11 बजे रात में उसकी नाबालिग पुत्री अकेले में शौच के लिए गई थी। उसी समय आरोपी सूरज विश्वकर्मा जो गोरखपुर के रेवड़ा विजयपुर का रहने वाला है तथा गांव के एक व्यक्ति के यहां जेसीबी चलाता है उसने उसकी पुत्री को पकड़ लिया। जब मैं पहुंची तो आरोपी चाकू लेकर उसकी पुत्री को धमकाते हुए दुष्कर्म कर रहा था। उसको देखकर अपशब्द व जान माल की धमकी देते हुए चाकू लहराकर भागने लगा। इस बात की जब पिता से शिकायत की गई तो उसने भी अनुसूचित जाति कहकर अपशब्द किया। आरोपी ने शादी से भी इन्कार कर दिया, जबकि पहले शादी करने की बात कह रहा था।
कोर्ट ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने, जानमाल की धमकी देने के मामले में दोषी पाए जाने पर सूरज विश्वकर्मा को पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही ग्यारह हजार रुपये अर्थ दंड लगाया है। वहीं उसके पिता राम सागर को एससीएसटी एक्ट में दोषी पाए जाने पर एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा तथा एक हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया है।ा