उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार को लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के लिए बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया। लेखपालों ने कहा कि कई दिनों से धरना-प्रदर्शन के बाद भी प्रदेश सरकार मौन साधे हुए है। ऐसे में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। धरने के बाद डीएम को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा(
जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी के नेतृत्व में लेखपाल कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लेखपालों के किए गए वायदे को भूल गई है। समझौते के बाद भी लेखपालों की मांगों पर कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिला मंत्री शीतला प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि हड़ताल के कारण आम जनता को परेशानी हो रही है, लेकिन प्रदेश सरकार की हठधर्मिता के कारण लेखपालों को मजबूर धरना देने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जब तक सरकार लेखपालों की मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती है तब तक आंदोलन चलता रहेगा। धरना के दौरान लेखपालों ने बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया और कहा कि सरकार को सद्बुद्धि मिलेगी। धरने में हरिशंकर विश्वकर्मा, सुनील कुमार श्रीवास्तव, शेषदत्त त्रिपाठी, सुधीर कुमार, ध्रुवचंद्र चौधरी, अभिषेक कुमार, विजय प्रताप पाल, नंद किशोर, राम सुमेर, इम्तियाज, आयुषी, जानकी, प्रवीन कुमार, श्रीधर पांडेय, दयराम तिवारी, दिनेश चंद्र, बरसाती चौधरी, घनश्याम पांडेय, रामफेर, राजेश चौधरी, मुहम्मद सफी, राम लगन मौर्य, सुरेश चंद्र आदि शामिल रहे।