संतकबीरनगर/ महुली। धनघटा तहसील परिसर स्थित चकबंदी कार्यालय में बुधवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए चकबंदी लेखपाल को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को अपने साथ महुली थाने ले गई, जहां उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई से चकबंदी कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, धनघटा तहसील क्षेत्र के ग्राम जिगिना में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। गांव के शीतलपुरवा निवासी किसान कन्हैयालाल पुत्र किशुनदेव ने अपनी जमीन से जुड़े मामले में हल्का के चकबंदी लेखपाल अभय कुमार सिंह से संपर्क किया था।
आरोप है कि गाटा संख्या 295मी/0.025 को असंक्रमणीय से संक्रमणीय दर्ज कराने की एवज में लेखपाल ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। किसान ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बस्ती मंडल से की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
बुधवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने धनघटा स्थित चकबंदी कार्यालय में लेखपाल को 10 हजार रुपये दिए, पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने दो स्वतंत्र लोकसेवक गवाहों की मौजूदगी में आरोपी लेखपाल को रंगेहाथ दबोच लिया।
कार्रवाई के बाद टीम आरोपी लेखपाल को तत्काल महुली थाने ले गई। घटना की सूचना मिलते ही तहसील परिसर और चकबंदी कार्यालय में लोगों की भीड़ जुट गई। अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। कर्मचारी और अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभय कुमार सिंह निवासी ग्राम एवं पोस्ट कोठा, थाना गगहा, जनपद गोरखपुर (वर्तमान पता विवेकपुरम, तारामंडल, थाना रामगढ़ताल, गोरखपुर) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में धनघटा तहसील में चकबंदी लेखपाल के पद पर तैनात है।
ट्रैप टीम प्रभारी राम आशीष यादव ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध महुली थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। इसके बाद उसके खिलाफ समस्त विधिक कार्रवाई पूरी करके जेल भेजा जाएगा।