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जुल्म सहने के बजाय प्रतिकार करना सीखें महिलाएं

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जुल्म सहने के बजाय प्रतिकार करना सीखें महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। पुलिस विभाग की तरफ से चलाए जा रहे महिला सशक्तिकरण अभियान का समापन बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस सभागार में किया गया। इस दौरान ‘आज के बदलते परिदृश्य में समाज में नारी की भूमिका’ व ‘चुनौतियां’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। एएसपी ने महिलाओं को जुल्म सहने की बजाय प्रतिकार करना सीखने की सलाह दी। 
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एएसपी असित श्रीवास्तव ने कहा कि घरेलू हिंसा व दहेज के लिए प्रताड़ित होकर आंसू बहाने व आत्महत्या करने की बजाय जुल्म के खिलाफ खुलकर बोलना जरूरी है। महिलाएं जिस दिन प्रतिकार करना सीख जाएंगी, उसी दिन उनकी हालत में परिवर्तन आना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। सीओ सदर रमेश कुमार ने कहा कि कामकाजी महिलाएं कार्यस्थल पर उत्पीड़न सहन न करें। सोशल मीडिया के इस्तेमाल में भी सावधानी बरतें तथा सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण भी लें। गोष्ठी में प्रतिभाग करने वाले सभी सदस्यों को एसपी की तरफ से प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।  इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक पंकज कुमार त्रिपाठी, निरीक्षक त्रिलोचन त्रिपाठी, प्रभारी निरीक्षक आरटीसी संपूर्णानंद तिवारी, प्रभारी क्राइम अंगेस्ट वूमेन निरीक्षक रमेश, थानाध्यक्ष महिला थाना अनीता यादव, प्रभारी यातायात उप निरीक्षक राजेंद्र यादव, प्रभारी एंटी रोमियो टीम एसआई राजेश यादव, सामाजिक कार्यकर्ता सुनीता मोदनवाल, हरजीत कौर, सुनीता अग्रहरि, उर्मिला त्रिपाठी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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