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Sant Kabir Nagar News: मिनी बस स्टॉप निर्माण में जमीन का पेच, रास्ता न मिलने से अटकी योजना

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मेंहदावल बाईपास पर इसी स्थान पर बनना था मिनी बस स्टाप। संवाद
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नगर पालिका ने दी जमीन, आगे काश्तकारों की भूमि से खड़ा हुआ विवाद
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सर्वे के दौरान खुली बाधा, रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी



संवाद न्यूज एजेंसी

संतकबीरनगर। मेंहदावल बाईपास पर प्रस्तावित मिनी बस स्टॉप के निर्माण में जमीन का पेच फंस गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन के सर्वे में पता चला है कि उसके आगे का हिस्सा काश्तकारों की निजी भूमि है। ऐसे में रास्ता न मिलने से योजना फिलहाल अधर में लटकती नजर आ रही है।
आठ बिस्वा जमीन उपलब्ध, लेकिन रास्ता बाधा : मिनी बस स्टॉप के निर्माण के लिए नगर पालिका ने आठ बिस्वा जमीन उपलब्ध कराने की सहमति दी थी। शासन के निर्देश पर परिवहन निगम ने चिह्नित स्थल का सर्वे कराया। सर्वे में सामने आया कि पालिका की जमीन तक पहुंचने के लिए आगे की निजी भूमि से होकर गुजरना होगा। यही स्थिति अब योजना की राह में सबसे बड़ी अड़चन बन गई है।
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डिपो दूर, मिनी बस स्टॉप से थी राहत की उम्मीद : जनपद का गठन वर्ष 1997 में हुआ, लेकिन अब तक बस डिपो की स्थापना नहीं हो सकी है। हालांकि मीरगंज में डिपो के लिए जमीन चिह्नित कर 15 करोड़ 80 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया जा चुका है। चूंकि मीरगंज शहर से काफी दूर है, इसलिए नगर पालिका परिषद अध्यक्ष जगत जायसवाल ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर मेंहदावल बाईपास पर मिनी बस स्टॉप बनाने का अनुरोध किया था। उद्देश्य था कि शहर और आसपास के यात्रियों को सुगम सुविधा मिल सके लेकिन जमीन तक पहुंच के लिए रास्ता स्पष्ट न होने से यह पहल फिलहाल ठप पड़ती दिख रही है।

खुले आसमान तले इंतजार को मजबूर यात्री :
बस डिपो न होने के कारण यात्रियों को मेंहदावल बाईपास पर अस्थायी बस स्टॉप पर खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ता है। यहां न बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही अन्य बुनियादी सुविधाएं। स्थानीय यात्री सुनील कुमार और दिनेश कुमार का कहना है कि मिनी बस स्टॉप बनने से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन योजना अटकने से निराशा हाथ लगी है।
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क्या बोले अधिकारी



“मेंहदावल बाईपास के निकट मिनी बस स्टॉप के लिए जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन रास्ते की समस्या सामने आई है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
आयुष भटनागर, एआरएम बस्ती
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