इंडस्ट्रियल एस्टेट खलीलाबाद में टूट गयी हैं सड़कें । संवाद
संतकबीरनगर। जिले के इंडस्ट्रियल एस्टेट में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। जो अनुरक्षण शुल्क पहले दो रुपये प्रति वर्गमीटर था वह अब 18 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गया है। जबकि उद्यमियों का कहना है कि बगल में स्थित गीडा में यह शुल्क 13 रुपये प्रति वर्गमीटर है। इसको लेकर उद्यमियों में आक्रोश है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जैन के नेतृत्व में उद्यमियों ने उद्योग बंधु की बैठक में डीएम को पत्र दिया कि पिछले दिनों यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की ओर से खलीलाबाद इंडस्ट्रियल एस्टेट के वहां के भूखंड आवंटियों के ऊपर अनुरक्षण शुल्क जो पहले दो रुपये था, उसको नौ गुना बढ़ाकर 18 रुपये प्रति वर्गमीटर सालाना कर दिया गया है।
इस निर्णय पर व्यापारियों और उद्यमियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इतनी ज्यादा वृद्धि पूर्ण रूप से अव्यावहारिक, अन्यायपूर्ण और असंगत है उन्होंने कहा कि यह वृद्धि सीधे 900% की है जो कि पूर्ण रूप से गलत है। जबकि बगल में गोरखपुर जिले में स्थित यहां से केवल 15 किलोमीटर दूर गीडा, जो कि यहां की तुलना में अत्यंत सुविधायुक्त और विकसित है वहां पर अनुरक्षण शुल्क मात्र 13 रुपये प्रति वर्गमीटर है।