सांथा। विकास खंड क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए राजकीय महाविद्यालय का नहीं होना स्थानीय छात्र व अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
राजकीय महाविद्यालय नहीं होने से युवा इंटर पास करने के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। हालांकि छात्राओं के लिए एक राजकीय महिला महाविद्यालय पटनाखास गांव में पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल के प्रयास से खुला था, जिसमें वह शिक्षा ग्रहण कर लेती हैं लेकिन छात्रों के लिए तहसील मुख्यालय जाना मजबूरी बन गया है। इससे आगे की पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विकास खंड क्षेत्र में 71 ग्राम पंचायते हैं। इसमें करीब तीन लाख की आबादी निवास करती है। हर घर से करीब एक छात्र इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्नातक की पढ़ाई शुरू करने में सोचने को मजबूर हो जाता है। इसका कारण यह है कि अभी तक विकास खंड क्षेत्र में कोई भी राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं है, जबकि क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक सरकारी, गैर-सरकारी इंटर काॅलेज हैं तथा उसके बाद भी स्नातक की डिग्री यहां के विद्यार्थियों के पहुंच से दूर है।
आर्थिक रूप से संपन्न अभिभावक अपने पाल्यों को बाहर भेजकर अध्ययन कराते हैं। वहीं कुछ निजी संस्थानों से शिक्षा दिला रहे हैं। इसके विपरीत गरीब छात्र राजकीय महाविद्यालय नहीं होने के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।
मेधावी होने के बाद भी उनका भविष्य चौपट हो रहा है। क्षेत्र के लोगों की ओर से सरकारी डिग्री काॅलेज को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन उनकी समस्याओं का निदान नहीं हो सका है।