बदहाल पड़ा जगदीशपुर उर्फ लहुरादेवा का खेल मैदान। संवाद
सेमरियावां। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनरेगा योजना के तहत सेमरियावां ब्लॉक के 33 गांवों में खेल मैदान तैयार किए गए। करोड़ों रुपये खर्च कर मैदान तो बना दिए गए, लेकिन आज अधिकतर मैदान बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बदहाल हैं।
हालत यह है कि कहीं मैदान ऊबड़-खाबड़ पड़े हैं तो कहीं झाड़ियां और घास उग आई हैं। खेल सामग्री, सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यास की सुविधाएं न होने से ग्रामीण युवाओं की प्रतिभाएं निखरने से पहले ही दम तोड़ रही हैं। मनरेगा से बनवाए गए यह खेल मैदान महज शो पीस बने हुए हैं।
सेमरियावां ब्लॉक की 113 ग्राम पंचायतों में से 33 ग्राम पंचायत में बने इन खेल मैदानों का उद्देश्य गांव के बच्चों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर अभ्यास का अवसर देना था, ताकि वे जिला, मंडल और राज्य स्तर तक अपनी पहचान बना सकें, लेकिन जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के चलते यह योजना अधूरी साबित हो रही है।
कई गांवों में खेल मैदान केवल नाम के रह गए हैं। खिलाड़ियों को न तो नियमित प्रशिक्षण मिल रहा है और न ही खेल आयोजन कराए जा रहे हैं।
तनवीर चौधरी, मकसूद अहमद, इरशाद अहमद, इकरामुद्दीन चौधरी, राम कुमार, शाबान अहमद, कलीम खान, गंगाराम आदि युवाओं का कहना है कि यदि मैदानों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो गांवों से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकते हैं। वर्तमान में बच्चे खुले स्थानों या सड़कों के किनारे खेलने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में मैदान जलभराव का शिकार हो जाते हैं, जिससे अभ्यास पूरी तरह बंद हो जाता है।