- श्रम विभाग ने दुकान चालान के दौरान व्यापारियों पर लगाया मारपीट का आरोप
- डीएम ने मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शुक्रवार को शहर में साप्ताहिक बंदी थी। इधर श्रम विभाग के अधिकारी बंदी का पालन कराने के लिए दुकानों की चेकिंग कर रहे थे। बाईपास स्थित एक दुकान का आधा शटर खुला था। इस पर उन्होंने दुकान का चालान कर दिया। जिससे नाराज व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंच गए और श्रम विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया। दूसरी तरफ श्रम विभाग ने व्यापारियों पर कार्यालय में घुसकर मारपीट व अभिलेखों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी है।
कलक्ट्रेट पहुंचे व्यापार मंडल के अध्यक्ष सर्वदानंद पांडेय ने कहा कि शुक्रवार की सुबह 11 बजे श्रम परिवर्तन अधिकारी मनोज वर्मा अवैध वसूली के लिए बाईपास के पास आए थे। शुक्रवार बंदी होने के चलते सभी दुकानें बंद थी। कुछ व्यापारी आवासीय दुकानों में कार्य कर रहे थे। उसी समय श्रम परिवर्तन अधिकारी दुकानों का शटर जबरदस्ती उठाकर वीडियो रिकाॅर्डिंग कर कुछ लिखित कार्रवाई करने लगे। विरोध के बाद गलत चालान कर दिए। व्यापारियों को दफ्तर आने के लिए कहे। कार्यालय जाने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किए। उन्होंने व्यापारियों के चालान काे निरस्त करने की मांग की।
दूसरी तरफ श्रम परिवर्तन अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी का निरीक्षण कर रहे थे। फोटो व वीडियो के साथ चालान की कार्रवाई की गई। बाईपास चौराहा स्थित एक प्रोविजन की दुकान के चालान के मामले में 25 से 30 लोग कार्यालय में आ गए। गाली देने लगे व मारपीट की। साथ ही कार्यालय के कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर साक्ष्य मिटा दिया। कार्यालय के अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की। श्रम परिवर्तन अधिकारी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
000000000000000
वर्जन
व्यापारी आए थे। श्रम परिवर्तन अधिकारी पर आरोप लगा रहे थे। वहीं श्रम परिवर्तन अधिकारी ने भी व्यापारियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। साथ ही अभिलेखों से छेड़छाड़ की बात कही है। मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर को नामित किया गया है। जो जांच कर अपनी रिपोर्ट देंगे।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम