नोटबंदी और बढ़ती महंगाई के विरोध में सोमवार को जिला महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने मेंहदावल बाईपास स्थित डॉक्टर अंबेडकर प्रतिमा के पास थाली पीट कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सभा भी आयोजित हुई।
कांग्रेस कार्यालय से महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पैदल जुलूस मेंहदावल बाईपास पर पहुुंचा। जहां प्रदर्शन के बाद सभा हुई। इस अवसर पर महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शांति देवी ने कहा कि नोट बंदी के फैसले से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को घर चलाने में हुई है। अगर हजार पांच सौ के नोट महिलाओं ने अपने पास छिपाकर रखा था, जो विषम परिस्थितियों में काम आता था। पीएम ने उसे छिन लिया और उस रकम को बैंक में डालने के लिए कतार में खड़ा कर दिया। नोट बंदी ऐसे समय में हुई जिस समय किसानों के खेत की बुआई का मध्य समय था।
उसी समय शादी का सीजन भी था, नोटबंदी के कारण कई शादियां टूट गईं। रकम की चाह में कतार में खड़े होकर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन मौतों के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवेज खान और आब्जर्बर रोहतास बेदी ने कहा कि मोदी सरकार का नोट बंदी सबसे बड़ा घोटाला साबित हो रहा है। सिर्फ चंद उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए उनके एक लाख तेरह हजार रुपये का कर्ज माफ कर दिया।
सभा को जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह, महासचिव सुनील पांडेय, अंबिका राय, भवानी प्रसाद भट्ठ, कृष्ण कुमार, नरेंद्र चौधरी, अजय शंकर राय, आलोक यादव, अखंड पाल, पुनीता मिश्रा, चंद्रावती आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर सुनील सिंह, विनोद पांडेय, भोरई बाबा, अकरम, भुट्टू खान, रोहित, रामबचन, संजय चौरसिया, पुष्पा देवी, मुन्नू देवी, शोभा देवी, रामरती, रिंका देवी, बासमती देवी, आरती देवी, अंशिका देवी, विंध्यवासिनी देवी, सुगना देवी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।