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खुद का 'अपहरण' कर मां से मांगी दो लाख की फिरौती, पढ़िए फिर कहां तक पहुंचे कानून के लंबे हाथ...

Sat, 08 Aug 2020 08:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, संत कबीरनगर

सार

  • ऑनलाइन गेम से बना कर्जदार, रचा अपहरण का ड्रामा
  • संतकबीरनगर के एडीओ कृषि के पुत्र ने दोस्तों का उधार चुकाने को खुद को किया ‘अगवा’
  • बीएससी नर्सिंग के छात्र ने मां के मोबाइल फोन पर संदेश भेजकर मांगे फिरौती के दो लाख रुपये
  • पुलिस ने बस्ती के हर्रैया से पकड़ा, जालसाजी-आईटी एक्ट का केस दर्ज कर भेजा जेल
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
ऑनलाइन गेम खेलने में कर्जदार हुए एडीओ कृषि (सहायक विकास अधिकारी) के पुत्र ने दोस्तों का कर्ज चुकाने के लिए खुद के अपहरण की कहानी रच दी। उसने मां के मोबाइल फोन पर संदेश भेजकर दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। यही नहीं, तीन घंटे में रकम खाते में ट्रांसफर न होने पर हत्या की धमकी भी दे दी। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपी को बस्ती के हर्रैया के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
 
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एसपी ब्रजेश सिंह के अनुसार खलीलाबाद ब्लॉक में तैनात एडीओ कृषि हरिश्चंद त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार की रात आठ बजे सूचना दी कि उनका बेटा आशुतोष त्रिपाठी उर्फ लक्की (26) अपहृत हो गया है। वह ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में बीएससी नर्सिंग का तृतीय वर्ष का छात्र है। अप्रैल में घर आया था। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे वह खलीलाबाद गया था।
 
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कुछ ही देर बाद पत्नी के मोबाइल फोन पर बेटे के मोबाइल से मैसेज आया। इसमें लिखा था कि आपका बेटा किडनैप हो गया है। अगर आप चाहते हैं कि उसे मौत के घाट न उतारूं तो दो लाख रुपये बेटे के खाते में ट्रांसफर कर दो। रुपये तीन घंटे में खाते में आ जाने चाहिए। पुलिस को या किसी अन्य को सूचना दी तो बेटे का अंतिम दर्शन नहीं कर पाओगे।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एसपी के अनुसार अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर कोतवाल रवींद्र कुमार और सर्विलांस सेल के प्रभारी मनोज कुमार पंत को लगाया गया। पुलिस टीम ने रात में ही आशुतोष को बस्ती के हर्रैया से ढूंढ लिया। पूछताछ में आशुतोष ने बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ बल्कि तीन जुलाई को उसके व्हाट्सएप पर ऑनलाइन गेम का लिंक आया। रकम की चाह में उसने गेम खेलना शुरू कर दिया।
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पांच अगस्त तक खेलने के दौरान वह 1. 60 लाख रुपये हार गया। उसने दोस्तों से रुपये उधार लिए थे। इसे चुकाने के लिए उसने खुद के अपहरण की कहानी रच दी। एसपी ने बताया कि जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी आशुतोष को जेल भेज दिया गया। उन्होंने पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये का इनाम भी दिया।
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