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सहकारी समितियों में नहीं है खाद, किसान परेशान

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मैलानी में बंद पड़ा साधन सहकारी समिति ।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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सहकारी समितियों में नहीं है खाद, किसान परेशान
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- विभागीय अधिकारियों का दावा दो से तीन के भीतर जिले में पहुंचेगी डीएपी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर/धनघटा। पांच दिनों से जिले में किसी भी साधन सहकारी समिति और गोदाम में खाद उपलबध नहीं है। जिसकी वजह से किसान परेशान हैं। वहीं, विभागीय दावा है कि दो से तीन दिनों में रैक आएगी। उसके बाद समितियों पर खाद भेजी जाएगी।
आलू, मटर, सरसों, बरसीम, गेहूं की बुवाई करना किसान शुरू कर दिए हैं, लेकिन साधन सहकारी समितियों में खाद नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसान रामरेखा, विजय कुमार, शेषमन, तौफीक, गुलाम हुसैन, मुनेश्वर आदि का कहना है कि सरकार कम लागत में अधिक उपज करने का किसानों को मंत्र देती है। किसानों की आय को दोगुना से अधिक करने का दावा किया जाता है, लेकिन जब किसानों को खाद, बीज, पानी की जरूरत पड़ती है तो सरकारी गोदामों से खाद गायब हो जाती है।
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किसानों का कहना है कि अब जब खाद की जरूरत पड़ी तो साधन सहकारी समिति धनघटा, उमरिया बाजार, बंडा बाजार, अंजाव, कोचरी, औराडाड, परसहर, शिवबखरी आदि जगहों पर उपलब्ध ही नहीं है। जब सचिव से पूछा जाता है तो वह कब तक खाद उपलब्ध होगी इसकी जानकारी नहीं दे पाते हैं।
यही हाल बीज का है। प्राइवेट दुकानदारों के वहां से बीज खरीद कर बुवाई करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि अगर खाद की किल्लत इसी तरह बनी रही तो समय से गेहूं की बुवाई नहीं हो पाएगी।
वहीं, साधन सहकारी समिति सचिव संघ के जिलाध्यक्ष मोती लाल यादव ने कहा इसके लिए जिले के अधिकारी जिम्मेदार हैं। इस जिले में अभी तक डीएपी की रैक लगी ही नहीं। जब समय से मांग नहीं की जाएगी तो लेट लतीफ खाद मिलेगी ही।
अक्तूबर से अब तक 3200 मीट्रिक टन खाद का हुआ वितरण
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि अक्तूबर से लेकर अब तक 3,200 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण हुआ है। पिछले वर्ष नवंबर में 5,105 मीट्रिक टन डीएपी की खपत हुई थी। जबकि इस वर्ष नवंबर में अब तक 1,900 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण हुआ है। अक्तूबर से मार्च तक करीब 11,000 मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत पड़ेगी। वर्तमान में 800 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। इफ्को कंपनी की डीएपी की रैंक लोडिग में चली गई है। जिससे 1,900 मीट्रिक टन डीएपी मिलेगी। यह रैक जनपद में 17 नवंबर तक आएगी। जबकि एनएफएल कंपनी की डीएपी की रैक जनपद में 13 नवंबर को लग रही है। इसमें 800 मीट्रिक टन डीएपी मिलेगी। कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी की डीएपी रैंक कृष्णापत्तनम पोर्ट से निकल चुकी है, जो 14 नवंबर तक जनपद में आ जाएगी। जिससे लगभग 600 मीट्रिक टन डीएपी मिल जाएगी। डीएम के स्तर से भी प्रयास किया जा रहा है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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जिले में 74 साधन सहकारी समितियां ही सक्रिय हैं। अक्तूबर से अब तक कुल 2,600 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण समितियों के माध्यम से हुआ है। गोदाम में भी डीएपी उपलब्ध नहीं है। वैसे दो से तीन दिनों के भीतर डीएपी की रैंक आ जाएगी। उसके बाद समितियों पर डीएपी भेजवाई जाएगी।
- हरि प्रसाद, एआरकोआपरेटिव
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