संतकबीरनगर। श्रीकृष्ण के गीता का संदेश जहां प्रबुद्ध एवं मनीषियों के लिए एक महत्वपूर्ण विचार के रूप में प्रतिष्ठित है। वहीं श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं देश-विदेश में लोकप्रिय हो चुकी हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शनिवार की अर्धरात्रि में जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। चारों ओर सोहर, गीत, नृत्य और शंख की नाद से वातावरण गूंजता रहा।
जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व लोगों ने खरीदारी की और जगह-जगह झांकियां सजाई गईं। कई स्थानों पर लोगों ने घरों में झांकियां सजाईं तो प्रमुख चौराहे और बाजार में भजन-कीर्तन, गीत, नृत्य आदि विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित हुए। खलीलाबाद के लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। यहां झांकियां सजाकर आधी रात को श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शंख, आदि वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ मनाया गया। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद सोहर गाया और बधाइयां गाते हुए श्रीकृष्ण को न्योछावर अर्पित किए गए।
गोला बाजार के शिव मंदिर, गन्ना विकास समिति के शिव मंदिर, हाइडिल कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र, बरदहिया बाजार, मुखलिसपुर रोड और मेंहदावल बाईपास रोड पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इसी तरह मेंहदावल क्षेत्र के गायत्री मंदिर, नरसिंह नारायण मंदिर, बिजली कॉलोनी, पक्का पोखरा स्थित शिव मंदिर सहित अंजहिया बाजार, चौक बाजार, उत्तर पट्टी, बहबोलिया व ठठराई, पश्चिम टोला, नायक टोला सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जन्माष्टमी की धूम रही। इसके साथ ही कई जगहों पर लोगों ने कृष्ण और सुदामा, तथा वासुदेव का रूप धारण किया था।
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पुलिस लाइंस और थानों पर सजी झांकी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइंस में झांकी सजाई गई थी। एसपी संदीप कुमार मीना समेत अन्य अधिकारी देर रात तक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तक जुटे रहे। देर रात जब श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो बधाई गीत गाए गए। इसी तरह से जिला जेल में भी जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया, यहां जेलर और कर्मी समेत अन्य मौजूद रहे।