संतकबीरनगर। जंक फूड का बढ़ता चलन अब बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। इसके अत्यधिक सेवन से शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, पीलिया, मोटापा व अपच जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार जंक फूड में मौजूद केमिकल्स से एसिड परफोरेशन की समस्या हो रही है। इससे पेट या आंत में छेद (परफोरेशन), सूजन और अल्सर तक की नौबत आ रही है।
जंक फूड के कारण अब युवा भी हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इससे जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में युवा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।चिचिकत्सक बताते हैं कि जंक फूड के नुकसान का मुख्य कारण इसमें ट्रांस फैट की अधिकता, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, आर्टिफिशियल टेस्ट (जैसे अजीनोमोटो), विभिन्न प्रकार के सॉस व प्रिजरवेटिव केमिकल्स का उपयोग है। लंबे समय तक इनका सेवन शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ा देता है। इससे पेट या आंतों में सूजन, अल्सर और परफोरेशन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि जंक फूड का चलन आने से इस तरह के मरीजों का इजाफा हुआ है। पहले इनकी संख्या बहुत कम होती थी। अब हर दिन बीपी के करीब 60 से 70, फैटी लिवर के 20 से 25 व अल्सर के एक से दो मरीज आते हैं। बताया कि ट्रांस फैट से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) घटता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग व मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, बच्चों और युवाओं के लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से फैटी लिवर, पीलिया व आगे चलकर लिवर सिरोसिस तक की स्थिति बन सकती है।
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यह होता है ट्रांस फैटडॉक्टर का कहना है कि ट्रांस फैट तरल वनस्पति तेलों में हाइड्रोजन मिलाकर बनाया जाता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को घटाता है। इससे हृदय रोग, मधुमेह व लिवर संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। बेकरी उत्पादों, तले हुए खाद्य पदार्थों, कुकीज व चिप्स में इसका अधिक उपयोग होता है।
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रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
डॉक्टर के मुताबिक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वे खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनकी प्रोसेसिंग के दौरान फाइबर, विटामिन और मिनरल्स निकाल दिए जाते हैं। ये जल्दी पचते हैं और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा देते हैं।
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एसिड परफोरेशन
डॉक्टर ने बताया कि जंक फूड के अधिक सेवन से प्रिजरवेटिव केमिकल्स शरीर में पहुंचकर एसिड की मात्रा बढ़ा देते हैं। इससे पेट या आंत में छेद, अल्सर, तेज दर्द व सूजन की समस्या हो सकती है।