कुर्सी हासिल करने को सपा और भाजपा में खींचतान
- जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से कांग्रेस और बसपा ने किया किनारा
- सपा और भाजपा के कुछ कद्दावर नेताओं ने संभाल ली है चुनाव की कमान
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने को लेकर सपा और भाजपा में खींचतान शुरू हो गई। दोनों खेमा जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इधर अधिकांश जिला पंचायत सदस्य पर्यटन पर कही बाहर चले गए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस और बसपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। जबकि बसपा से भाजपा में शामिल हुए कृष्ण कुमार चौरसिया को भाजपा ने उम्मीदवार घोषित किया है। निर्दल चुनाव जीते बलिराम यादव सपा में शामिल हुए थे। सपा ने बलिराम यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
जिले में 30 जिला पंचायत सदस्य हैं। जिसमें भाजपा के सिर्फ तीन प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। जबकि सपा के सात समर्थित और पांच बागी चुनाव चुुनाव जीते हैं। इसके अलावा बसपा के पांच और एआईएमआईएम का एक प्रत्याशी चुनाव जीता है। भाजपा और सपा के घोषित प्रत्याशियों ने पर्चा खरीदा है।
जबकि जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव, शैलेंद्र यादव, सरोज देवी और सना परवीन ने भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पर्चा खरीदा है। उधर, भाजपा के कद्दावर नेताओं ने प्रत्याशी के समर्थन में सदस्यों को सहेजने की पूरी ताकत झोंक दी है। इधर सपा ने भी अपने प्रत्याशी के समर्थन में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दोनों दलों के कुछ कद्दावर नेताओं ने अपने-अपने प्रत्याशियों के चुनाव की कमान संभाल ली है।
सूत्रों का कहना है कि अधिकांश जिला पंचायत सदस्य पर्यटन करने तीर्थ स्थल पर चले गए हैं। उनसे संपर्क साधने के लिए प्रत्याशी और समर्थक उनके नजदीकियों का सहारा ले रहे हैं। कुछ जिला पंचायत सदस्यों को पुलिस कर्मी को सुरक्षा में लगाया गया है। इधर भाजपा और सपा के प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वास्त हैं। नामांकन और पर्चा वापसी के बाद प्रत्याशियों की संख्या को लेकर भी तस्वीर साफ होगी। सदस्यों के जोड़तोड़ की गणित में किस दल का प्रत्याशी आगे निकलता है ,यह तो तीन जुलाई को चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा।