मगहर। नगर पंचायत मगहर का मोहल्ला इस्लामनगर नगर के दक्षिण स्थित रेलवे लाइन के किनारे बसा है। नगर पंचायत का अंग होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पेयजल की समस्या के साथ ही इस मोहल्ले को जोड़ने वाला एक मात्र रास्ता रेलवे की पुलिया से होकर गुजरता है, जो बरसात में पानी से भर जाता है। इस रास्ते को बनवाने के लिए कई बार नगर पंचायत चेयरमैन रेलवे के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है।
नगर पंचायत मगहर के इस्लामनगर की आबादी करीब तीन हजार है। रेलवे लाइन के दक्षिण ग्राम मोहिउद्दीनपुर व मोहम्मदपुर कठार गांव है। यह मार्ग गोरखपुर को भी जोड़ता है, लेकिन यहां अंडरपास की आस अब भी अधूरी है। पूर्व सभासद त्रिलोकी वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता फखरे आलम सनी, लालचंद यादव, सर्वानंद गुप्त, जगदीश यादव, अफरोज खान, खलीला खान आदि लोगों ने बताया कि मोहल्ला इस्लामनगर से मगहर कस्बे में आने जाने के लिए कोई संपर्क मार्ग नहीं है।
संपर्क मार्ग के अभाव में लोगों को मगहर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बनी एक रेलवे की पुलिया के नीचे के रास्ते से आना-जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में पुलिया में पानी भर जाने के कारण यह रास्ता बंद हो जाता है। रेल पटरी क्राॅस करने में अब तक कई ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। नगर में आवागमन के लिए इस्लामनगर वासियों ने कई बार आंदोलन भी किया। इसके बाद भी कोई हल नहीं निकला।
समाजसेवी हाफिज मोहम्मद रिजवान ने बताया कि नगर पंचायत का हिस्सा होने के बावजूद मोहल्ला इस्लामनगर पेयजल जैसी मूल सुविधाओं से वंचित है। पाइल लाइन बिछाने की पहल हुई, लेकिन अब तक कोई भी कनेक्शन नहीं हुआ है।
चेयरमैन अनवरी बेगम ने कहा कि सरकार लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह अंडरपास बनवा रही है, लेकिन तमाम प्रयास के बावजूद अंडरपास की स्वीकृति नहीं मिली। नए सिरे से रेल मंत्रालय को पत्र भेजा गया है।
पेयजल के लिए कार्य चल रहा था, कुछ लोग उसमें अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। जल्द ही चेयरमैन व सभासदों के माध्यम से समस्या को सुलझा लिया जाएगा। साथ ही अन्य समस्याओं का निदान कराया जाएगा।
-वैभव सिंह, अधिशासी अधिकारी