सेमरियावां। सेमरियावां ब्लाॅक के 22 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर एक करोड़ से अधिक के फर्जी की भुगतान की एसडीएम की अगुवाई में गठित जांच टीम ने बुधवार को पांच गांवों स्थलीय सत्यापन किया। टीम अब तक 18 गांवों में जांच कर चुकी है। दो गांवों की जांच छह माह पहलेे तत्कालीन एसडीएम कर चुके हैं। वहीं अब सिर्फ दो गांवों की जांच बाकी है।
बता दें कि सेमरियावां निवासी सलीम उमर ने लोकायुक्त कार्यालय में परिवाद दाखिल कर आरोप लगाया कि नियुक्त प्रशासक, सहायक विकास अधिकारी पंचायत शशि भूषण पांडेय के जरिए पत्रावली पर हस्ताक्षर कर एक जनवरी 2021 से 31 मई 2021 तक बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई है। संबंधित ग्राम पंचायत सचिव और नियुक्त प्रशासक एडीओ पंचायत शशिभूषण पांडेय के संयुक्त डोंगल से तमाम ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं 15वां वित्त से बिना टेंडर निकाले तथा शासनादेश के विपरीत तमाम गांव में हैंडपंप मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, नाली, इंटरलाॅकिंग, स्कूल मरम्मत के नाम पर एक करोड़ से ज्यादा रुपये फर्जी भुगतान किया गया है। आरोप है कि करही, कांटेढेस, रायपुर छपिया उर्फ ठोका, सेमरियावां, बुढाननगर, दुधारा, सफियाबाद, बिगरामीर, बत्सी बत्सा, बिगरा अव्वल, सोनौरा गोसी, उसरा शहीद, तेनुहारी सोयम, पिपरा गोविंद, मूडाडीहा बेग, केकरहो, महुआरी, चोरहा, छंगुरिया बंगुलिया, चिउटना, बढ़यामाफी समेत विभिन्न गांवों में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की गई है। हालांकि इस मामले में दो पूर्व मुख्य विकास अधिकारी, पूर्व उप निदेशक पंचायती राज, पूर्व जिला पंचायत राज अधिकारी तथा जेई समेत छह सचिवों पर भी आरोप लगाया है।
लोकायुक्त ने डीएम से 21 अक्तूबर तक जांच कर जांच रिपोर्ट तलब की है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर की अगुवाई में गठित जांच टीम को 22 गांव को जांच सौंपी गई।
टीम के नौ और दस अक्तूबर को 9 गांव की जांच की। जबकि 13 गांव में जांच के लिए एसडीएम ने 15 व 17 अक्तूबर की तिथि निर्धारित किया। बुधवार चार गांवों की जांच हुई जबकि शुक्रवार को सदर उपजिलाधिकारी खलीलाबाद अरूण वर्मा की अगुवाई में गठित जांच टीम ने रायपुर छपिया उर्फ ठोका, बत्सी बत्सा, छंगरिया बगुलिया, मूड़ाडीहाबेग, केकरहो गांव में विद्यालय कायाकल्प, शौचालय, हैंडपंप रिबोर आदि शिकायत बिंदुओं की जांच कर भौतिक सत्यापन किया। जांच टीम ने बताया कि पिपरा गोविंद और बिगरामीर गांव का अभिलेख नही मिल सका है। इस लिए जांच नही सकी है।
जांच टीम में नायब तहसीलदार प्रियंका तिवारी, सहायक अभियोजन अधिकारी जय सिंह यादव, सहायक अभियंता नलकूप खंड अमरनाथ मौजूद रहे।