-करैली में बगैर पंजीकरण के चल रही पैथाेलॉजी सील
संतकबीरनगर। डीएम आलोक कुमार द्वारा गठित टीम ने बुधवार को बघौली क्षेत्र में निजी अस्पतालाें का औचक निरीक्षण किया। इससे नर्सिंग होम और पैथोलॉजी संचालकों में हड़कंप मच गया है। टीम के निरीक्षण में एक अस्पताल पर चिकित्सक नहीं मिले, जबकि एक अस्पताल में बगैर पंजीकरण के पैथाेलॉजी संचालित करने पर उसे सील कर दिया गया है।
टीम में शामिल एसडीएम न्यायिक एचआर तिवारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम रतन व डॉ. मुबारक अली की टीम बघौली स्थित नेशनल हाॅस्पिटल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। इस दौरान यहां कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। बायो मेडिकल वेस्ट का उचित प्रबंधन नहीं किया जा रहा था। कोई भी डिग्री धारी स्टाफ नर्स मौजूद नहीं मिली।
ओटी अधोमानक पाए जाने के कारण उसे सील कर दिया गया। इसको लेकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न मिलने पर पंजीकरण निरस्त करते हुए कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद टीम ने करैली स्थित रामरती मेमोरियल हाॅस्पिटल का निरीक्षण किया। यहां चिकित्सक डॉ. सनी सिंह उपस्थित मिले। आयुष्मान मित्र मौजूद नहीं थे।
प्रबंधक केपी राव ने बताया कि कुल 10 मरीजों को भर्ती कर आयुष्मान से उपचार किया जा रहा था, लेकिन उपचार से संबंधित कोई भी अखिलेख प्रबंधक द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। हाॅस्पिटल के बाहर बगैर पंजीकरण के पैथाेलॉजी संचालित की जा रही थी, जिसको सील कर दिया गया है। टीम में शामिल डॉ. मुबारक अली ने बताया कि कारण बताओ नोटिस दिया गया और एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूरे माह हाॅस्पिटलों, पैथाेलॉजी की निरंतर जांच की जाएगी। पूर्णकालिक चिकित्सक न पाए जाने पर पंजीकरण निरस्त करते हुए सीलबंद की कार्रवाई के साथ विधिक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी।