प्रेवर ब्रिक प्लांट संचालकों को तगड़ा झटका, टिकाऊ निर्माण से जनता को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। शासन ने नगर निकायों में इंटरलॉकिंग कार्य पर रोक लगा दिया है। अब निकायों में डामर और सीसी रोड बनाए जाने के आदेश दिए गए हैं। जिससे मोहल्लों की गलियां व मुख्य मार्ग टिकाऊ बनने से नगर वासियों को राहत मिलेगी। वही प्रेवर ब्रिक संचालकों को तगड़ा झटका लगा है।
नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा का सृजन वर्ष 2022 में हुआ है। विकास खंड हैंसर बाजार के 14 ग्राम पंचायतें नगर पंचायत में शामिल की गई है। जिनमें 17 वार्ड बनाए गए हैं। इसके पहले ग्राम पंचायत में जितने भी पक्का कार्य हुए, उनमें सर्वाधिक इंटरलॉकिंग कार्य कराए गए हैं। इंटरलॉकिंग कार्य में गुणवत्ता की कमी होने की वजह से इसकी शिकायत आम हो गई थी और यह बात शासन तक भी पहुंची थी। कई जनप्रतिनिधि अपने या अपने में परिजनों के नाम से प्रेवर ब्रिक प्लांट भी लगा रखे हैं। गुणवत्ता विहीन प्रेवर ब्रिक वाले ईट के कारण इंटरलॉकिंग सड़क एक वर्ष के भीतर ही खराब हो जाती है। फिर इनका मरम्मत या निर्माण कराया जाता है। इससे शासन से मिलने वाला अधिकतर बजट इंटरलॉकिंग पर खर्च हो जाता है। नगर पंचायत हो या ग्राम पंचायत इंटरलॉकिंग कार्य कराने के लिए जनप्रतिनिधि परेशान रहते हैं। शिकायतें बढ़ने के बाद नगर निकायों में इस खेल पर तो शिकंजा कस दिया गया है, लेकिन ग्राम पंचायतों में यह खेल लगातार जारी है। शासन से जारी आदेश में डीपीआर के महत्वपूर्ण बिंदु भी जारी किए गए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि डीपीआर में केवल सीसी रोड और डामरीकरण रोड बनाई जाए। आवश्यकता के अनुसार डामरीकरण रोड के किनारे ही इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाए। इससे नगर निकाय में बजट का धन उड़ने की खेल पर पूर्ण रूप से रोक लग जाएगी। मोहल्लों में सीसी रोड निर्माण से नालियों के टूटने वाली झंझट से भी छुटकारा मिल जाएगा। हालांकि प्रेवर ब्रिक प्लांट लगाकर निकायों से करोड़ों रुपये का व्यवसाय करने वालों को तगड़ा झटका लगा है। जिस तरह नगर निकायों में इंटरलॉकिंग कार्य पर रोक लगाया गया है उसी तरह का रोक ग्राम पंचायत में भी लगाए जाने की मांग करते हुए ग्रामीण देवेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, जगदीश, राम प्रताप यादव, उत्तमचंद, लालमन का कहना है कि ग्राम पंचायत के रास्ते पर लगाए गए इंटरलॉकिंग ईट इतना खराब होते हैं कि एक तरफ से लगाए जाते हैं तो दूसरे तरफ टूटते हैं। विकास खंड हैंसर बाजार और पौली के अधिकतर ग्राम पंचायतों में लगाए गए इंटरलॉकिंग सड़क इस बात की प्रमाण दे रही है।
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शासनादेश का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। सीसी रोड और डामरीकरण रोड का निर्माण ही नगर पंचायत में किया जाएगा। जो भी शासन का आदेश है उसका अक्षरस पालन होगा।
उमेशचंद्र पासी, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा